खुशखबरी: मण्डलीय अस्पताल कबीरचौरा में होगा 10 बेड का आईसीयू, प्रमुख सचिव नेनिरीक्षण के बाद दिये निर्देश

वाराणसी। प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं वाराणसी के नोडल अधिकारी डा. रजनीश दुबे ने शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा जन सामान्य को उपलब्ध कराए जाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए। राजकीय चिकित्सालयों सहित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों एवं मेडिकल कर्मियों की उपस्थिति प्रतिशत सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश देते हुए इसके लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण कराए जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा जिले ही नहीं बल्कि पूर्वांचल का प्रतिष्ठित अस्पताल है। यहां पर दूर-दराज के जनपदों से लोग चिकित्सा लाभ के लिए यहां आते हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सालय में शीघ्र ही 10 बेड का आईसीयू एवं वेंटीलेटर बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराया जाएगा।

कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय का प्रमुख सचिव ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक-दो वार्डों में क्षतिग्रस्त छत को देखकर उन्होंने पीडब्ल्यूडी से इसका सर्वे कराकर स्टीमेट तैयार कराए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही इसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। शासन स्तर पर भेजे गए 10 बेड के आईसीयू का प्रस्ताव की जानकारी होने पर उन्होंने शीघ्र ही शासन स्तर पर वार्ता कर आगामी 6 माह के अंदर इस चिकित्सालय में 10 बेड का आईसीयू एवं वेंटीलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जरूरत के अनुसार डॉक्टर एवं पैरामेडिकल कर्मियों की कमियों को शीघ्र ही दूर किया जाएगा और जरूरत के अनुसार पदे भी सृजित कराई जाएंगी। वर्तमान में तीन डायलिसिस मशीन को नाकाफी बताते हुए प्रमुख सचिव ने सीएमओ को सात और डायलिसिस मशीनल गाये जाने का प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजे जाने का निर्देश दिया। आकस्मिक वार्ड में संक्षण व आॅक्सीजन लाइनें लिकेज होने वक्रियाशील न होने की जानकारी पर उन्होंने नाराजगी जताई। प्रमुख सचिव ने 31 अक्टूबर तक इस नई प्रणाली को पूरी तरह क्रिया शील किए जाने का निर्देश दिया।         

मीरजापुर व गाजीपुर अस्पताल बनेंगे मेडिकल कालेज

प्रमुख सचिव ने बताया कि चिकित्सा सुविधा को और बेहतर बनाए जाने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत मिजार्पुर व गाजीपुर में जिला चिकित्सालय को अपग्रेड करके मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है, जिसमें वर्ष 2021 से एमबीबीएस का पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। जौनपुर में 2020 में नया चिकित्सालय बनाकरएमबीबीएस का पाठ्यक्रम शुरू होगा। चंदौली जिले का भी डीपीआरएक माह के अंदर सरकार को भेजा जाएगा। आयुष्मान योजना में कम प्रगति हुई है इस काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। य् उन्होंने कहा कि जिन सर्जनों ने कम आॅपरेशन किये हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और जिन्होंने मानक पूरा किया है उन्हें प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रमुख सचिव िने कहा कि शासन के निर्देश पर अब मरीज के साथ एक तीमारदार को भी अस्पताल से भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। मंडलीय अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता अच्छी है। यहां पर इस योजना को तुरंत लागू करने को कहा गया है। अन्य जिलों के अस्पताल में भी जल्द हीइस योजना को जमीन पर उतारा जायेगा।

Related posts