वाराणसी। म्यामार और बंगलादेश की सीमा से रोजाना किलो नहीं बल्कि कुुंतल में सोना कोलकाता आ रहा है। बड़े तस्कर इसे वहां से अपने एजेंटों के जरिये देश के विभिन्न हिस्सों में भेज रहे हैं। ट्रांजिट रूट के रूप में चंदौली और मुगलसराय का इस्तेमाल किया जा रहा है। डीआरआई वाराणसी के अधिकारियों ने बुधवार को मुगलसराय रेलवे स्टेशन के बाहर विपत बिंद नामक व्यक्ति को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उसके पास से तीन किलो सोने के विस्कुट बरामद हुए। डीआरआई के आनंद राय ने स्वीकार किया कि बरामद सोने की कीमत लगभग 91.4 लाख आंकी गयी है।

नित नये पैंतरे अपना रहे हैं तस्कर

मूल रूप से मीरजापुर के लोहदी कलां गांव का निवासी विपत पहले भी कोलकाता से कई बार सोना लेकर दिल्ली समेत दूसरे महानगरों में जा चुका है। उसका कहना है कि हर ट्रिप पर खर्च के अलावा तीन से पांच हजार रुपये मिलते हैं। वहां से ट्रेन का टिकट सीधे दिल्ली का कराया जाता है लेकिन रास्ते में मुगलसराय में उतर कर दूसरी ट्रेन बदल ली जाती है। डायवर्जन करने से पकड़े जाने की संंभावना कम होती है। उसके जैसे एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों लोग है जो रोजाना सोना लेकर कोलकाता से चलते हैं। पहले जैसे सीा पार से नकली नोट आते थे उसी तरह अब असली सोना आने लगा है। सरकारी एजेंसियां एक्का-दुुक्का पकड़ पाती है और शेष आराम से निकल जाते हैं।

जब्त कर सोना की विधिक कार्रवाई

विपत कालका मेल से सोना लेकर चला था। सोने के एक किलो वजनी तीनों बिस््कुटों को जब्त कर लिया गया है। कोलकाता और दिल्ली की यूनिट को मामले की जानकारी देने के साथ बड़े तस्करों के बाबत सुराग दिये गये हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी कार्रवाई के संग बरामदगी हो सकती है।

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