गाजीपुर का सेमरा गांव, पांच साल में कटान से 634 घर गंगा में समाए, अब पूरे गांव पर मंडरा रहा खतरा, सहमे हैं लोग

गाजीपुर। गंगा की कटान के चलते शेरपुर ग्रामसभा के सेमरा व शिवरायकापुरा गांव का अस्तित्व खतरे में है। हर साल जुलाई-अगस्त का महीना यहां के लोगों के लिए मुसीबत बनकर आता है। पिछले कुछ सालों में कटान के चलते कई घर गंगा के पानी में बह गए। वर्ष 2012 में गंगा में आई बाढ़ ने इस गांव के 46 परिवारों का आशियाना अपने आगोश में ले लिया था। 2013 में तो यहां स्थिति इतनी भयावह हो गई कि उसे यादकर अब भी गांव के लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस साल आई बाढ़ से 588 परिवारों की बसी-बसाई घर—गृहस्थी गंगा में समाहित हो गई। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने स्कूलों व सार्वजनिक भवनों में शरण ली। कुछ परिवारों ने कटान से कुछ दूरी पर दोबारा आशियाना बनाया लेकिन 2016 की बाढ़ के बाद कटान अब वहां तक भी पहुंच गया है। इन दोनों गांवों के 100 से ज्यादा घरों पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। तत्काल अगर कदम नहीं उठाया गया तो इस साल भी 10-15 घरों का कटान में बहना तय है।

अफसरशाही रवैये की भेंट चढ़ी दो योजनाएं

सेमरा व शिवरायकापुरा को बचाने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने समय—समय पर प्रयास किया लेकिन अधिकारियों व ठेकेदारों के रवैये के चलते कोई प्रयास सफल नहीं हो सका। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री रहे सीपी ठाकुर ने अपने कार्यकाल में कटान को रोकने के लिए 80 लाख रुपये दिया था। काम भी हुआ, लेकिन बाढ़ में गंगा की लहरों के थपेड़ों को यह ठोकर सह नहीं पाया। विभागीय अधिकारियों ने भी उसे बचाने की कोशिश नहीं की। 2013 की विनाशलीला के बाद 2014 में सपा सरकार ने बलिया के वर्तमान सांसद नीरज शेखर के प्रयास से 23 करोड़ रुपये बोल्डर स्टड बनाने के लिए दिया था। लेकिन यह प्रोजेक्ट भी एक वर्ष ही बाढ़ की विभीषिका सह सका। मरम्मत के अभाव में 2016 में आई बाढ़ में 300 मीटर ठोकर पुन: बह गया और इसके अलावा चार जगहों पर ठोकर भरभराकर नदी में गिर गया।

एक्सीएन का दावा, बाढ़ से पहले हो जाएगा इंतजाम

2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार से ग्रामीणों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन काम में हो रही देरी और बारिश का मौसम नजदीक आते ही लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। सिंचाई विभाग की ओर से 12 करोड़ 47 लाख की निविदा शेरपुर सेमरा को बचाने के लिए निकाली गई है। पांच जून को इसे खोल दिया जाएगा। सिंचाई विभाग के एक्सीएन दिनेश सिंह का दावा है कि बाढ़ आने से पहले हर हाल में कार्य को कराने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी समिति ने सेमरा के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। पूरे प्रदेश में 22 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। जिसमें सेमरा की परियोजना 21वें नंबर पर है।

संसद में भी उठ चुका है मुद्दा

सेमरा कटान के मुददे को लेकर मुहम्मदाबाद की भाजपा विधायक अलका राय लगातार प्रयासरत हैं। वह कई बार नेताओं व अधिकारियों के यहां गुहार भी लगा चुकी हैं। इससे पूर्व भाजपा के बलिया सांसद भरत सिंह भी सेमरा कटान के मुददे को संसद में उठा चुके हैं। चुनावी अभियान में शिरकत करने सेमरा पहुंचे रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने भी सेमरावासियों को आचार संहिता लगने का हवाला देते हुए इशारे—इशारे में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो सेमरा को बचाने के लिए गंगा की धारा को मोड़ने का काम भाजपा सरकार करेगी। ऐसे में सवाल यह है कि बीस जून के बाद गंगा में जलस्तर का बढ़ाव शुरू हो जाता है तो 15 दिनों में इतने बड़े प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देना सिंचाई विभाग व सरकार के लिए चुनौती भरा कदम होगा।

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