गाजीपुर। कहते हैं सियासत में दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही हालात पर निर्भर होती है। गाजीपुर की राजनीति में भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है। कल तक एक दूसरे के प्रतिद्वंदी माने जाने वाले अंसारी परिवार और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर चर्चे शुरू हो गए हैं। मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी और ओमप्रकाश सिंह के बीच हुई एक मुलाकात के बाद कयासों के दौर शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात के मायने निकाले जाने लगे हैं।

कहीं मनोज सिन्हा को घेरने की तैयारी तो नहीं ?

दरअसल पिछले दिनों ओमप्रकाश सिंह अपने घर में बने बाथरुम में फिसलकर गिर पड़े थे, इसकी वजह से उन्हें चोट आई है। पूर्व मंत्री का हाल जानने के लिए उनके समर्थक लगातार मिलने पहुंच रहे हैं। हालांकि लोगों को हैरानी तब हुई जब सियासी बंधन तोड़ मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ओमप्रकाश सिंह से मिलने उनके सेवराई स्थित घर पर पहुंचे। इस मुलाकात के बाद जिले में चर्चाएं तेज हो गई। राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले मुलाकात के मायने निकाले रहे हैं। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश की तर्ज पर जिले में सपा और बसपा के बीच खिचड़ी पकनी शुरू हो गई। फिलहाल दोनों ही पार्टियों के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री मनोज सिन्हा परेशानी का सबब बने हुए हैं। मनोज सिन्हा के बढ़ते राजनीतिक कद के आगे ओमप्रकाश सिंह और अंसारी परिवार का जादू अब फीका हो गया है। विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा तो वहीं दूसरी ओर अंसारी परिवार का भी किला ढह गया। ऐसे में ओमप्रकाश सिंह और अंसारी परिवार अब ये समझ चुके हैं कि अगर गाजीपुर में अब वर्चस्व को कायम रखना है तो मनोज सिन्हा के तिलिस्म को तोड़ना ही पड़ेगा। लिहाजा अगर लोकसभा चुनाव के पहले ये दोनों दिग्गज और करीब आते हैं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए।

मुख्तार, राजा भैया और ओमप्रकाश का त्रिकोण !

अब इस पिक्चर का दूसरा पार्ट भी है। दरअसल विधानसभा चुनाव के बाद सूबे में सियासत की नई तस्वीर बन रही है। पिछले दिनों शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्तार अंसारी का रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से गले मिलना और फिर बांदा जेल में राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप की मुलाकात। बताया जा रहा हूं कि अब्बास अंसारी का ओमप्रकाश सिंह से मुलाकात इसी कड़ी का एक हिस्सा है। दरअसल ओमप्रकाश सिंह और राजा भैया के बीच काफी नजदीकियां हैं। सपा सरकार के दौरान इऩ दोनों की गिनती मजबूत राजपूत नेताओं में होती थी। माना जा रहा है कि अंसारी परिवार और ओमप्रकाश सिंह के बीच नजदीकियां बढ़ाने में राजा भैया का रोल हो सकता है।

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