गाजीपुर-वाराणसी हाइवे किनारे मंदिर निर्माण को लेकर पूरे दिन चला प्रतिरोध, उग्र विरोध देख हटे एसडीएम तो मामला संभाले एडीएम

वाराणसी। गाजीपुर हाइवे पर खानपुर गांव के पास मंदिर निर्माण को लेकर काफी दिनों से जिच चल रही है। बुधवार को एसडीएम सदर संजीव कुमार ने सख्त तेवर अख्तियार किया तो ग्रामीण लामबंद हो गये। ग्रामीणों का तीखा तेवर देख एसडीएम सदर मौके से हट गये। कुछ समय बाद एडीएम ई मुनीन्द्र नाथ उपाध्याय पहुंचे और आम सहमति से मामला हल कराने की पेशकस रखी। ग्रामीणों व प्राचीन दैत्राबीर मंदिर के पुजारी तूफानी गिरी से वार्ता कर समस्या का हल करवाने की पहल की। विरोध प्रदर्शन सुबह 11 से शाम 4:30 बजे तक चलता रहा। मौके पर थानाध्यक्ष चौबेपुर पुलिस और पीएसी के साथ मौजूद रहे।

इस तरह हुआ समूचा घटनाक्रम

खानपुर गांव निवासी महेन्द्र पटेल की हाइवे के किनारे जमीन है जिसके सामने बंजर भूमि है। इसी पर बुधवार को राजमार्ग चौड़ीकरण के जद में आये प्राचीन दैत्राबीर मंदिर को पुन: स्थापित करने की कवायद शुरू हुई। मंदिर निर्माण हेतु जेसीबी से एसडीएम नींव खोदवाने लगे जिसका खेत मालिक महेन्द्र पटेल और उपस्थित ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि एसडीएम ने किसान और ग्रामीणों को धमकी देते हुए कहा कि सभी को बंद करा देगें जिस पर ग्रामीण उग्र हो गये। यह देख एसडीएम मौके से हट गये। कुछ देर बाद पहुंचे एडीएम ई ने ग्राम प्रधानपति पारस व मंदिर के पुजारी तुफानी गिरी से बीच का रास्ता निकालने को कहा। बाद में किसान द्वारा अपने खेत में 7़7 मीटर जमीन देने और बंजर भूमि पर निर्माण नहीं करने का प्रस्ताव रखा गया जिस पर आम सहमति बनी। किसान की ओर से ग्रामप्रधान पति पारस और पूर्व ग्रामप्रधान बरियासनपुर बालकिशुन पटेल शामिल थे।

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