उफान पर गंगा लेकिन जीटी रोड पर मछली के लिए पटकी-पटका, जो थे शाकाहारी उनकी भी बांछें खिली

वाराणसी। इस समय पूरे देश में बाढ़ की तबाही के मंजर देखने को मिल रहे हैं। काशी भी इससे अछूती नहीं है। यहां के निचले इलाकों में पानी घरों में घुसने लगा है। गंगा में बढ़ाव के चलते वरुणा से सटे इलाकों में भी कुछ यहीं आलम है। बावजूद इसके बुधवार को पुरानी जीटी रोड पर पानी में बहती बड़ी मछलियां दिखी तो उन्हें लूटने की होड़ मच गयी। दशा यह थी कि मछली के लिए धक्का-मुक्की तक ही मामला नहीं सीमित था बल्कि हाथापायी तक हो जा रही थी। खास यह कि जो शाकाहारी थे उन्हें मछली खानी नहीं थी लेकिन कीमती होने की जानकारी पर वह भी लूटने वालों में शामिल थे।

‘हादसे’ के बाद मची थी लूट

हकीकत यह थी कि मछलियों की इस लूट का बाढ़ से कोई वास्ता नहीं था। दरअसल कैंट रेलवे स्टेशन के सामने बारिश के चलते खासा जलजमाव हो गया है। पेट्रोल पंप के समीप एक ई रिक्शा गड्ढे में पानी होने के चलते अंदाज न लगने पर पलट गया। इसमें कोई व्यापारी कैरेट में जिंदा मछली लेकर बेचने के लिए चौकाघाट लेकर जा रहा था। तीनों कैरेट में भरी मछलियां पानी में आने के बाद तेजी से इधर-उधर तैरते हुए भागने लगीं। व्‍यापारी कुछ मछलियों को समेट सका बड़ी संख्या में मछलियां पानी में लूट के लिए भीड़ जुट गयी।

बहुतेरे कूद पडे पानी में

यहां पर फल और दूसरे ठेले लगाने वालों के संग दूसरे लोग पानी में कूदकर मछलियों को पकड़ना शुरू कर दिया। जहां एक तरफ व्यापारी खुद को सरेआम ‘लुटते’ देखकर गुहार लगा रहा था तो उसकी अनसुनी कर जिसके हाथ मछली लगती वह तेजी से भागने लगता। फिल्मों की तरह जह तक पुलिस पहुंचती वहां मैदान साफ हो चुका था।

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