बलिया। एक तरफ सरकार नाबालिक के साथ दुष्कर्म को लेकर सख्त कानून बनाने के संग फांसी तक के प्रावदान कर रही है तो दूसरी तरफ घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। ताजा मामला कारो गांव (चितबड़ागांव) की राजभर बस्ती का है। यहां की 12 वर्षीया बालिका के साथ गैंगरेप हुआ। वारदात 14 मई की है लेकिन पीड़िता के परिवार को मोटी रकम देने का झांसा देकर दबाने की कोशिश की गयी। दुष्कर्म पीड़िता के पिता द्वारा रविवार की देर शाम तहरीर चितबड़ागांव पुलिस को दी जिस पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर के अनुसार पीड़िता की चाची ने चार्ज में लगी मोबाइल को पड़ोस के ही युवक मनीश यादव को देने के लिए उसके घर बालिका को भेजा था। यहां अकेले होने का लाभ उठाकर युवक ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इस कुकर्म में आरोपी का साथ गांव के ही लक्ष्मण वर्मा ने दिया। पहले तो उसने ट्यूबवेल की रखवाली की जहां बालिका की अस्मत लूटी जा रही थी। उसके बाद उसने वहशी दरिंदे की तरह हवस शांत किया। रोती बिलखती पीड़िता घर गई और परिजनों से आपबीती सुनाई।

इलाके के सफेदपोश दबाने में जुटे थे मामला

बताया जाता है कि दुष्कर्मी युवक के परिजनों एवं कुछ गांव के सफेदपोशों ने पीड़िता के पिता को भारी रकम देने का लालच दिया था। साथ ही यह भी कहा कि थाने में जाने पर बेटी की बदनामी होगी और विवाह नहीं होगा। झांसे में आए पीड़िता के पिता चार दिनों तक इंतजार किए लेकिन मामला सुलझते न देख रविवार की देर शाम पीड़िता के पिता ने नामजद तहरीर दिया। थाना प्रभारी शैलेश सिंह का कहना है कि तहरीर मिलते ही मनीष यादव पर पास्को एक्ट एवं विक्की वर्मा के संह मनसा देवी पर 120 बी के तहत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। दुष्कर्म पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है। बहरहाल कई दिनों तक चली पंचायत के दौरान आरोपत फरार हो गये थे और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

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