वाराणसी। शिक्षा को लेकर सरकार तमाम आदेश-निर्देश जारी करती रही है। बावजूद इसके विभाग में ऐसे खेल हो रहे हैं जिसका खुलासा होने पर अधिकारी सकते में हैं। ताजा मामला है सेवापुरी ब्लाक के हरिहरपुर गांव का। यहां पर एक ही परिसर में एक-दो नहीं बल्कि पांच विद्यालय-कालेज संचालित हो रहे हैं। नियमों को धता बताते हुए संचालन ही नहीं किया गया बल्कि वित्तीय अनियमितता से लेकर दूसरे गोरखधंधे भी हुए। इसकी शिकायत मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षण ने जांच करायी तो आरोपों की पुष्टि हुई। संयुक्त शिक्षा निदेशक अजय कुमार द्विवेदी ने हरिहरपुर में संचालित बाबू जगन प्रसाद बैजनाथ संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य सुरेन्द्र प्रसाद मिश्रा व प्रबंधक समेतअन्य दोषियो के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिया हैे

गंभीर आरोपों पर हुई थी जांच

त्रिभुवन नारायण पांडेय ने जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां शिकायत की थी कि प्राचार्य द्वारा न सिर्फ दो स्थानों से कूटरचित कागजातों के माध्यम से तथ्य गोपन करते हुए धोखाधड़ी से नियुक्ति पायी एवं वेतन आहरित करते रहे हैं। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने जांच कमेटी बनायी। जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट 4अप्रैल 2018 को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लिखित किया गया कि एक ही भवन व एक ही परिसर में पांच विद्यालय संचालित हो रहे है। लक्ष्मी नारायण प्राथमिक विद्यालय ,लक्ष्मी नारायण जूनियर हाई स्कूल, बाबू जगन प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डी एल ई डी ( बीटीसी समकक्ष) समेत कई विद्यालय संचालित है जिनमे एक भी विद्यालय मानक के अनुरूप नही हैं। जांचकर्ताओं ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर संवैधानिक प्रक्रियाओं में निहित विधिक एवं वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया गया है इसलिए इनके विरूद्ध सम्यक विधिक कार्यवाही की जानी आवश्यक होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने दोषियो के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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