वाराणसी। देश ही नहीं विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में वाराणसी भी शामिल हैं। इसका प्रमुख कारण है ट्रैफिक का बढ़ता दबाव और पेट्रोल-डीजल का धुंआ। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए भारत सरकार की ओर से उर्जा गंगा योजना के तहत गेल इंडिया लिमिटेड की ओर से सीएनजी और पीएनजी की शुरूआत शहर हो चुकी है। बावजूद इसके यह अभी तक लोगों की पहुंच से दूर है। लोग अभी भी सीएनजी और पीएनजी के इस्तेमाल को लेकर सशंकित है। लोगों को नेचुरल गैस के प्रति जागरूक करने के लिए गेल इंडिया की ओर से गुरुवार को सांस्कृतिक संकुल में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने गेल इंडिया लिमिटेड के इस प्रयास की सराहना करते हुए प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता देने के भरोसा दिलाया। इस दौरान गेल इंडिया की ओर से लोगों को बताया गया कि सीएनजी डीजल और पेट्रोल के मुकाबले करीब 30 फीसदी किफायती पड़ता है। साथ ही इसके उपयोग से प्रदूषण भी कम होता है।

साल के अंत तक चलने लगेंगे सात पंप

गेल के कार्यकारी निदेशक पार्थ जॉन ने बताया कि वाराणसी में सीएनजी और पीएनजी की पाइप लाइने बिछायी जा चुकी है। फिलहाल शहर में दो सीएनजी स्टेशन चल रहे है। साथ ही डीएलडब्ल्यू और बीएचयू कॉलोनी में लगभग 6500 लोगों के घर में पीएनजी कनेक्शन की सुविधा दी जा चुकी है। लोग वाहनों के लिए सीएनजी का और घर व कॉमर्शियल उपयोग के लिए पीएनजी का उपयोग कर सकते हैं। ये एलपीजी, डीजल और पेट्रोल से काफी हद तक सस्ता है और पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक सात सीएनजी फिलिंग स्टेशन की शुरूआत की जाएगी। कार्यशाला में आये आटो रिक्शा चालकों को सीएनजी से होने वाले फायदे के बारे में बताया गया और उन्हें इसके इस्तेमाल के लिए भी जागरूक किया गया है। इस मौके पर आरटीओ आरपी द्विवेदी, गेल के चीफ जनरल मैनेजर एसएन यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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