सीडीओ के फार्मूले से जहां पलेगी गाय वहीं पर मछली से भी होगी आय, गोवंंश आश्रय स्थलों पर बन रहे तालाब

वाराणसी। सीएम योगी ने गोवंश आश्रय स्थलों को लेकर सख्त निर्देश दिये हैं जिसके बाद इसे चालू करने की तैयारी चल रही है। मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने इसके साथ एक दूसरा फार्मूला तैयार किया है जिससे यहां पर अतिरिक्त आय का साधन तैयार होगा। सीडीओ से मिले निर्देश के क्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य ने गुरुवार को विकासखंड आराजी लाइन सजोई ,काशी विद्यापीठ कोटवा एवं बड़ागांव के खरावन के गोवंश आश्रम स्थल में निर्मित तालाबों में कॉमन कार्प प्रजाति के मत्स्य अंगुलिका संबंधित ग्राम प्रधान एवं सचिव के उपस्थिति में संचय कराया गया।

इसका रखना होगा ध्यान

इन तालाबों में मत्स्य अंगुलिका संचय से पूर्व तालाबों में गोबर की खाद, चूना व रासायनिक खाद का प्रयोग संबंधित प्रधान द्वारा कराया गया। अंगुलिका के पोषण हेतु प्रतिदिन पूरक आहार के रूप में बराबर मात्रा में चावल का पालिसर व सरसों की खली तालाबों में डालने एवं जल स्तर 5 से 6 फिट वर्ष पर्यन्त बनाए रखने का सुझाव दिया गया। सीडीओ ने बताया कि गोवंश आश्रय स्थलों में निर्मित तालाबों में मत्स्य पालन से अतिरिक्त आय की प्राप्ति होगी। साथ ही पशुओं के गोबर से निर्मित खाद के प्रयोग से मत्स्य पालक व अन्य कृषक अपने तालाबों व खेतों में करते हुए अच्छा उत्पादन व खेती कर सकेंगे। यह काम सभी 18 गोवंश आश्रय स्थलों में कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त 800 खेत तालाब बनाए जाएंगे।

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