चंदौली। किसी जमाने में राजनेता, आला अधिकारी या खिलाड़ी रोल मॉडल हुए करते थे। पिछले कुछ दशकों में पूर्वांचल की जमीं पर कुछ ऐसा हुआ कि ‘डान’ न सिर्फ रोल माडल हुए बल्कि उनके नक्शे कदम चलते हुए अपराध करने में युवा नहीं चूक रहे हैं। जिला पुलिस ही नहीं पूर्वांचल के लिए चुनौती बने सभासद पुत्र राहुल अपहरण कांड का खुलासा हुआ तो परिवार ही नहीं पुलिस भी सकते में रह गयी। एसपी संतोष कुमार सिंह ने रविवार को मीडिया के सामने गिरफ्तार आरोपितों को पेश करते हुए घटाक्रम का ब्योरा दिया तो सहसा कोई विश्वास नहीं कर सका। दरअसल राहुल का अपहरण करने वाले कोई और नहीं मित्र ही थी। छोड़ने के नाम पर फिरौती के तौर पर 50 लाख की मांग थी और पैसा मिलने या न मिलने दोनों की सूरत में उसका मरना तय था। इंस्पेक्टर मुगलसराय शिवानंद मिश्र और क्राइम ब्रांच के संयुक्त प्रयास से चार अपहरण कर्ता को गिरफ्तार उनके पास से एक वीआईपी नंबर की स्कार्पियो, 4 तमंचा,10 कारतूस एवं 3 मोबाइल बरामद किया है।

धोखे से किया था अपहरण

एसपी के मुताबित छापेमारी में गिरफ्तार सतीश यादव, विशाल यादव, सत्यप्रकाश गुप्ता और मुलायम प्रजापति ने बताया कि जूली उर्फ संतोष यादव ने अपने ही मित्र राहुल को धोखे से अपहरण कर 50 लाख की फिरौती मांगी है। राहुल को एटीएम से पैसा निकालने के नाम पर बुलाया और वहां से बाइपास पर ले आये। यहां पर योजना के तहत स्कार्पियो में लाद लिया गया। उसे संतोष यादव के घर ग्राम नगई में ताला बंद करके रखे हैं जो हम चलकर बरामद करा सकते हैं। पुलिस ने तत्काल टीम सहित की बरामदगी हेतु उपयुक्त के साथ उसके बताए गए स्थान पर गई थाना बबुरी पहुंची तो जूली और संतोष विश्वकर्मा के घर टिन शेड पर पहुंची तो वहां बाहर से ताला बंद था। ताला खोल कर अंदर देखा तो एक बालक बुरी तरह बंधा हुआ था। उसे खोलने पर पूरी कहानी सामने आयी।

नेता बनने को था पहला कदम

एसपी ने बताया कि सत्यपाल यादव अपने ही मित्र की अपहरण कर उसे से 50लाख की फिरौती मांग कर नेता बनने की तैयारी कर रहा था। रकम मिलती या न मिलती दोनों ही सूरत में राहुल का मरना तय था। एक जमीन की बिक्री के रूप में परिवार को पैसा मिलने की भनक पर यह प्लान बना था। उसके आइडियल के रूप में मुख्तार अंसारी माफिया जैसे नेता बनने का ख्वाब था। एक अन्य आरोपित का आइडियल लालू यादव का पुत्र तेज प्रताप तो दूसरे का गायत्री प्रजापति थे। गिरफ्तारी व बरामदगी में शामिल टीम को 10 हजार का प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इस मामले में अभी चार आरोपित संदीप यादव, संतोष,कपिल यादव तथा शकील फरार हैं।

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