डिप्टी जेलर की हत्या के चार साल बाद बना शूटर रिंकू का रिमांड, डिप्टी मेयर की हत्या के मामले में एसटीएफ ने पकड़ा था

वारणसी। जिला जेल के डिप्टी जेलर रहे अनिल त्यागी की हत्या के चार साल बाद वाारदात को अंजाम देने वाले शार्प शूटर धर्मेन्द्र सिंह रिंकू का इस मामले में रिमांड बन सका। गाजीपुर जिला जेल से वारन्ट बी पर तलब होकर धर्मेन्द्र सिंह रिंकू मंगलवार को सीजेएम अभय श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया। अदालत में आरोपी का डिप्टी जेलर अनिल त्यागी हत्याकांड में रिमांड बनाया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गौरतलब है कि पहले कैंट पुलिस ने वारदात के छह माह बाद चर्चित रमेश काका समेत कई लोगों को इस मामले में गिरफ्तार करने के साथ खुलासा किया था। पिछले साल धनबाद के बहुचर्चित डिप्टी मेयर हत्याकांड के मामले में शूटरों की गिरफ्तारी के साथ एसटीएफ ने डिप्टी जेलर हत्याकांड में रिंकू की संलिप्तता का खुलासा किया था।
जिम के सामने गोलियों से किया था छलनी
बता दें कि 23 नवम्बर 2013 की सुबह महाबीर मंदिर के पास जिम के सामने डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की अज्ञात बदमाशो ने गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में पुलिस ने घटना के 6 माह बाद रमेश काका समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। इसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस बीच मामले में नया मोड़ उस समय आया जब धनबाद के चर्चित नेता नीरज सिंह की हत्या के मामले में एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो उससे पूछताछ में डिप्टी जेलर हत्याकांड में शामिल कई लोगों के नाम प्रकाश में आये। जिसमे धर्मेन्द्र सिंह उर्फ रिंकू के शामिल होने की बात सामने आई। रिंकू अहरौरा में तिहरे हत्या कांड में इलाहाबाद से गिरफ्तार हुआ था और वर्तमान में गाजीपुर जेल में बंद था। जिसके बाद पुलिस ने उसे वारंट बी पर लाकर अदालत में पेश किया।

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