पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किले बढ़ी, ‘वाई’ श्रेणी सुरक्षा पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को सीपीएमएफ वाली ‘वाई श्रेणी’ की सुरक्षा मुहैया कराने पर सवाल उठाते हुए केंद्र व राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से 25 मई तक यह बताने को कहा है कि आपराधिक प्रवृत्ति के दबंग नेता को कैसे इस स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। साथ ही कहा, कि ऐसे नेता की जमानत निरस्त कराने के लिए क्या कदम उठाने जा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह से यह बताने को कहा है, कि केंद्र ऐसे व्यक्ति को उच्च स्तर की सिक्योरिटी क्यों और कैसे दे रही है।

वाई श्रेणी की सुरक्षा के बाद दर्ज हुए मुकदमे

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने जौनपुर के प्रहलाद गुप्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में कहा गया है, कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हत्या के सात मामलों सहित कुल 24 मुकदमे चल रहे हैं। यह भी कहा गया है की वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद भी उनके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हुए। ऐसे में आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को ब्लैक कैट कमांडो वाली उच्चस्तरीय सुरक्षा मुहैया कराना गलत है। कोर्ट के यह पूछे जाने पर कि धनंजय सिंह को यह सुरक्षा पेमेंट पर मिली है या नि:शुल्क। तो बताया गया, कि उन्हें यह सुरक्षा नि:शुल्क मिली है। इस पर कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से 25 मई तक जानकारी मांग ली।

लंबे समय से हैं निशाने पर, हो चुुका है हमला

गौरतलब है कि धनंजय सिंह लंबे समय से माफिया गिरोहों के निशाने पर रहे हैं। उनके उपर वाराणसी के नदेसर मे 2004 में अत्याधुनिक असलहों से जानलेवा हमला कियाा गया था। एके 47 से गोली बरसायी गयी थी जिसमें सुरक्षा में लगा गनर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इसके बाद केन्द्रीय खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर उन्हें सुरक्षा दी गयी है। खास यह कि जिन दिनों धनंजय जेल में थे तब भी उनकी सुरक्षा नही हटी थी।

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