‘तानाशाह सरकार’ के खिलाफ लामबंद हुए पार्षद, पूर्व विधायक अजय राय ने लगाया लोकतंत्र की हत्या का आरोप

वाराणसी। पिछले माह नगर निगम की बैठक को लेकर हुए हंगामे को लेकर एक बार फिर भाजपा को छोड़ दूसरे पार्षद लामबंद होने लगे हैं। रविवार को लहुराबीर में हुई सर्वदलीय बैठक में पार्षदों ने स्पष्ट कर दिया कि तानाशाही ताकतों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन चलेगा जिसकी रणनीति तैयार हो गयी है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि जनहित के मसले पर सड़क से लेकर सदन के अंदर तक संवैधानिक तरीके से किया गया हर विरोध जायज है। जनता जिन्हे अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनकर सदन में भेजती है वो लोग जनता की आवाज होते है और यदि उनकी आवाज को रोकने का दुस्साहस भाजपा करा रही है तो यही लोकतंत्र की हत्या है। ऐसे लोगों को जनता जरूर जवाब देगी। बनारस हर तरफ बबार्दी के कगार पर है और सरकार का तानाशाही रवैया चरम पर है। देश भर में बलात्कार की घटनाये बढ़ती जा रही है लेकिन सरकार के आंखो में पानी सूख गया है। जनता तड़प रही है लेकिन जनता की बात करने वाले पार्षदों को बोलने भी नही दिया जा रहा है। हम सब मुखर विरोध के लिए तैयार हैं।

महापौर की भूमिका पर उठाये सवाल

निर्दलीय पार्षद दल के नेता अजीत सिंह ने कहा कि यह इस शहर का दुर्भाग्य है कि यहां कि महापौर को नगर निगम के नियम व अधिनियम की कोई जानकारी ही नहीं है। भाजपा के नेताओ ने एक शिक्षित महापौर को कठपुतली बनाकर रख दिया है। सदन नियमों-अधिनियमों से चलता है ना कि भावनाओ और इशारों पर। सदन बुलाने का अधिकार निश्चित रूप से महापौर को है लेकिन स्थगन का अधिकार पार्षदों को ही होता है। डा.आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा यदि महापौर ईमानदार हैं और संविधान में आस्था रखती हैं तो नगर निगम अधिनियमों का अध्ययन कर पार्षदों के अधिकार का ज्ञान प्राप्त करें उसके बाद पार्षदों पर लगाये गये मुकदमों को वापिस लें। श्रीमती शालिनी यादव ने कहा कि सत्तापक्षा की तानाशाही वाली विचारधारा के खिलाफ एक जुट होकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए साझा मंच तैयार है।

इनकी भी रही मौजूदगी

बैठक का संचालन कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी ने किया। इसमें में सपा जिलाध्यक्ष डा. पियूष यादव, महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल के संग दर्जनों की संख्या में पार्षदों ने अपनी राय रखी जिनमें मुख्य रूप से रमजान अली, अनीसुर्रहमान अंसारी, मौलवी रियाजुद्दीन, हारून अंसारी, बबलू शाह, प्रशांत सिंह पिंवूष्ठ, अवनीश यादव,वरूण सिंह,शंकर बिसनानी ईत्यादि लोगों ने अपनी बात कही। बैठक में मुख्य रूप से शैलेंद्र सिंह (सदस्य-छावनी बोर्ड) डा.रमेश राजभर, पार्षद सुनिल यादव, अंकित यादव, गोपाल यादव, अफजाल अंसारी, राजेश पासी, अरशद लड्डू, साजिद अंसारी, गुलशन अली, अनिल शर्मा,संजय सिंह डाक्टर, बेलाल अहमद, रियाजुद्दीन ईत्यादि प्रमुख पार्षद उपस्थित रहे। अंत में बलात्कार पीड़िता बेटी की याद में दो मिनट का मौन रखकर पार्षदों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।

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