किसानों से जुड़े कामों के लिए डीएम ने तय की ‘डेड लाइन’, एक हफ्चे में आधार, खसरा व खतौनी प्राप्त कर बनाये क्रेडिट कार्ड

वाराणसी। केन्द्र के साथ प्रदेश सरकार ने भी किसानों के लिए खजाना खोल दिया है। बावजूद इसके उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब डीएम कौशल राज शर्मा ने बुधवार को प्रधानमंत्री किसान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड तथा आयुष्मान भारत योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि सौ फीसदी किसानों के आधार, खसरा व खतौनी प्राप्त कर क्रेडिट कार्ड बनाने की कार्यवाही 25 फरवरी, तक पूर्ण कर ले। साथ ही स्वीकार किया कि पीएम से लेकर सीएम तक किसान सम्बंधी योजनाओं के द्वारा उन्हें लाभन्वित करने पर विशेष रुप से जोर दिया जा रहा है।

इस वजह से नहीं मिल पा रहा है लाभ

विकास भवन की बैठक में डीएम को बताया गया कि जिले के 51हजार किसानों का आधार कार्ड मिस मैच होने के कारण लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। इस पर डीएम ने सभी तहसील में लेखपाल, कानूनगो सहित अन्य कर्मियों को लगाकर मिसमैच आधार कार्ड का डाटा सुधार कराने के निर्देश दिए। जिन किसानों के आधार कार्ड नहीं उपलब्ध हैं दो तीन दिनों में उनसे सम्पर्क कर उनके आधार कार्ड प्राप्त कर ऐड किये जायें। बैकों के स्तर पर 20 हजार एकाउण्ट, डाटा मिस मैच होने के कारण पेंडिंग हैं जिसमें सुधार करने के लिए दो दिन का समय दिया गया। किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा के दौरान दो लाख किसानों में से केवल 50 हजार किसानों के क्रेडिट कार्ड बनाये गये हैं तथा 1.40 लाख किसानों के क्रेडिट कार्ड पेंडिंग हैं। किसानो के फार्म भरवा कर बैंको को उपलब्ध कराने का निर्देश। बीडीओ को निर्देश दिए कि जितने फार्म भर कर जमा हो रहे हैं उन्हें प्रतिदिन बैंकों को भेजा जाय। बैंक शाखाओं पर फ्लेक्सी बनवाकर लगवाने का निर्देश एलडीएम को देते हुए कहा कि पीएम किसान योजना व किसान क्रेडिट कार्ड से सम्बंधित पूरी जानकारी का उल्लेख प्रदर्शित किया जाय।

गौशाला को लेकर भी कसे पेंच

डीएम ने प्रत्येक सचिव को एक गौशाला बनवाने के पूर्व में दिये गये निर्देश के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के लिए 10 दिन का अंतिम रुप से समय दिया। कुल 169 ग्राम सचिवों की सूची बीडीओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और कहा कि जिन सचिवों ने अभी तक गौशाला नहीं बनवाई है 10 दिन में बनवा लें अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौशालाओं में गायों के शिफ्टिंग का कार्य आज ही से प्रारम्भ करने का निर्देश देते हुए प्रत्येक गौशाला में 50-50 गायों को रखने को कहा। पशुओं को बाड़े में ले जाने वालों को गौ तस्कर समझ कर प्रताड़ित करने की कुछ घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उन्होंने सभी थानो व ब्लाक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रसारित कराने का निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिया।

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