हर काम के लिए बजट का पूरा इंतजाम, जिला योजना की खातिर 3.82 अरब रुपये अनुमोदित,

वाराणसी। चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सोमवार को तीन अरब 82 करोड़ 35 लाख रुपए की जिला योजना अनुमोदित की गयी है। इस वर्ष की जिला योजना में दो अरब 40 करोड़ 66 लाख रुपये पूंजीगत कार्यों के लिए प्रस्तावित किये गये हैं। प्रदेश के नगर विकास एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में वाराणसी की जिला योजना में एससीएसपी एवं टीएसपी मद में 76 करोड़ 42 लाख रुपए का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है तथा पूंजीगत कार्यों पर 2 अरब 40 करोड़ 66 लाख रुपए का परिव्यय रखा गया है। केंद्र सरकार के अंशदान के साथ संचालित विभिन्न योजनाओं मे राज्यांश के रूप में 2 अरब 60 करोड़ 25 लाख रुपए परिव्यय प्रस्तावित किया गया है।

इन कामों पर रहेगा विशेष ध्यान

जिला योजना में पंचायत भवनों, गांवो में सीसी रोड, केसी ड्रेन निर्माण कार्यों के लिए 38.55 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है। सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 46.37 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है। जिले के 26 पर्यटक स्थलों के विकास 2.85 करोड़ रुपए से योजना बनाई गई है। पेयजल कार्यों के लिए 26.67 करोड़ रुपये प्राविधानित किए गए जिसमें लगभग 12 करोड़ रुपए ग्रामीण पेयजल व 14.50 करोड़ रुपए नगरीय पेयजल पर व्यय प्रस्तावित है। इसमें हैंडपंपों के निर्माण, पाइप पेयजल निर्माण, नलकूप निर्माण के कार्य होंगे। जिला योजना में 52.30 करोड़ रुपये से 42243 शौचालयों का निर्माण तथा 32.52 करोड़ रुपए से प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण प्रस्तावित किए गए हैं। लालपुर स्टेडियम में 2 करोड़ रुपए परिव्यय से दर्शक दीर्घा निर्माण प्राविधानित किया गया है। निराश्रित महिलाओं के पेंशन हेतु लगभग 10 करोड़ रुपए व्यय का प्राविधान किया गया है। दिव्यांगों के कल्याण कार्यों के लिए 12 करोड़ 30 लाख रुपए प्राविधानित किया गया है। पिछड़ा वर्ग की पूर्व दशम छात्रवृत्ति एवं शादी अनुदान के लिए 10 करोड़ 55 लाख रुपए प्राविधानित किया गया है। इसके अतिरिक्त कृषि, गन्ना विकास, लघु सीमांत कृषको को निशुल्क बोरिंग, 5 नए पशु चिकित्सालयों के निर्माण, पशुओं में टीकाकरण, कृतिम गभार्धान, दुग्ध विकास, वृहद वृक्षारोपण, सहकारिता के गोदामों की मरम्मत, भूमि एवं जल संरक्षण कार्य, सिंचाई कार्यों, ग्रामोद्योग रोजगार, शिक्षामित्रों का मानदेय, प्राविधिक शिक्षा, होम्योपैथी व आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवस्था, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यक को छात्रवृत्ति, पेंशन उपलब्धता, विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों हेतु परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। एलोपैथी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु 8 करोड़ 62 लाख रुपये प्राविधानित किए गए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिये 22 करोड़ 12 लाख रुपए तथा मनरेगा में 13.37 लाख मानव दिवस सृजन जिसके लिए 39 करोड़ रुपए प्राविधानित किए गए हैं।

मंत्री नीलकंठ ने दिये यह सुझाव

नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए निशुल्क बोरिंग योजना का प्रचार-प्रसार कराए जाने पर विशेष जोर दिया। वन विभाग विशेष क्षेत्रों का चुनाव कर हरियाली के लिए वृक्षारोपण कार्य कराए। साथ ही वृक्षों के सुरक्षा का भी प्रबंध सुनिश्चित किया जाए। वन विभाग सभी विधायकगणों एवं जनप्रतिनिधियों से वृक्षारोपण के लिए उनसे प्रस्ताव प्राप्त कर ले। राज्यमंत्री डाक्टर नीलकंठ तिवारी द्वारा पूरे पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर छायादार वृक्षों को लगाने का सुझाव दिया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वृक्षारोपण कार्य प्रारंभ कराए जाने की बात कही। प्रभारी मंत्री द्वारा प्रभागीय वन अधिकारी को वृक्षारोपण के लिए एक सप्ताह के अंदर प्लान बनाकर तदनुसार कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। लाल बहादुर चिकित्सालय में एक डिजिटल एक्सरे मशीन का प्रबंध हेतु प्रस्ताव किए जाने का भी निर्देश दिया गया। पेयजल के अंतर्गत नलकूपों को समय सीमा के अंतर्गत रिबोर के साथ ही नलकूपों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।

इनकी रही मौजूदगी

बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, एमएलसी डाक्टर लक्ष्मण आचार्य, एमएलसी चेत नारायण सिंह, एमएलसी केदारनाथ सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक रविंद्र जायसवाल, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक कैलाशनाथ सोनकर व विधायक नीलरतन नीलू सहित डीएम सुरेंद्र सिंह, सीडीओ गौरांग राठी, जिला योजना समिति के विभिन्न सदस्य व विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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