लखनऊ। प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने लंबित मांगों को लेकर हड़ताल का एलान कर दिया है। लखनऊ स्थित पीडब्लूडी डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ भवन मे आहूत प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इसका निर्णय लिया गया है। वक्ताओं का कहना थ कि प्रदेश सरकार के गठन के एक वर्ष से ज्यादा समय व्यतीत हो जाने के वाबजूद तथा राज्य कर्मचारियों की तमाम लम्बित मांगों के सम्बन्ध में शासन स्तर पर कई बार वार्ताओं में आश्वासन के बाद भी मांगे जस की तस लम्बित पडी हुई है। परिषद की बैठक में माननीय योगी सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में परिषद द्वारा की गई विभिन्न मांगों के संदर्भ में हुए पत्राचार का हवाला देते हुए कहा गया कि किसी भी पत्र का सकारात्मक जबाब नही मिला है। गत दिवस फर्जी तरीके से प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती न किए जाने की खबर भी प्रकाश में आई है। इस खबर का खण्डन भी सरकार की तरफ से नही किया गया। ऐसे में सरकार और राज्य कर्मचारियों के बीच अविश्वास पैदा हो रहा है। प्रदेश का कर्मचारी छोटी छोटी समस्याओं से जूझ रहा है। इस बैठक में सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए आन्दोलन करने का निर्णय लिया गया है।

चरणवद्ध अंदोलन की है तैयारी

बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में राज्य कर्मचारियों के प्रति उदासीन ऐसी सरकार के विरूद्ध एक बड़े आन्दोलन की घोषणा करने का अनुरोध किया जिस पर केन्द्रीय पदाधिकारियों ने चरणबद्ध तरीके से आन्दोलन की घोषणा की। इसके तहत जुलाई के अन्तिम सप्ताह में जिलों में धरना-प्रर्दशन, सितम्बर के अन्तिम सप्ताह में तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार, अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में लखनऊ में विशाल रैली का आयोजन तथा अक्टूबर के अन्तिम सप्ताह में तीन दिवसीय हड़ताल एवं मांगों पर सुनवाई न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी। मंत्रणा के बाद एक सप्ताह के अन्दर तिथिवार कार्यक्रम की घोषणा कर दी जायेगी। वक्ताओं ने बताया कि 2013 की 11 दिन चली महाहड़ताल में हाईकोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार एवं कर्मचारियों के मध्य सामंजस्य स्थापित कर समाधान करने का निर्णय दिया था परन्तु उसका भी पालन नहीं हो रहा है। संघों तथा महासंघों से उनके कर्मचारी समूह की समस्याओं के समाधान करने हेतु प्रति माह बैठक कर समाधान करने हेतु निर्देश है परन्तु 90 प्रतिशत अधिकारी बैठक तक नहीं कर रहे है। बैठक में राज्य कर्मचारी निम्नलिखित मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि जिनमें मुख्य रुप से वार्षिक प्रविष्टि में अति उत्तम की बाध्यता, कार्यालय समय में बदलाव 50 वर्ष की आयु वाले राज्य कर्मचारियों की स्क्रीनिग कर जबरन सेवानिवृत्त वेतन समिति द्वारा संस्तुत भत्तों, वेतन विसंगतियों पर निर्णय, केन्द्र के समान भत्ते, पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, कैशलेस चिकित्सा सुविधा के क्रियान्वयन में देरी, पदोन्नति का पद न होने की दशा में एक लेवल उच्च वेतन की अनुमन्यता, सेवाकाल में कम से कम 3 पदोन्नतियाँ, पूर्व में की गयी सेवाओं को जोड़कर सेवा/पेंशन लाभ, संविदा/आउटसोर्सिंग के रुप में भर्ती होने पर एक निश्चित अवधि के उपरान्त समान कार्य समान वेतन का सिद्धान्त लागू किया जाना, फील्ड कर्मचारियों को मोटर साईकिल भत्ता प्रदान किया जाना, विभागीय विवाद समाधान फोरम को एक्टीव करना आदि तमाम समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। बैठक को प्रान्तीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी, संरक्षक श्री भूपेश अवस्थी, महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, सहित प्रदेश से आये हुये मण्डल अध्यक्ष/मंत्री तथा जनपद अध्यक्ष/मंत्रियों ने सम्बोधित किया। कार्यकारिणी की बैठक में शशिकान्त श्रीवास्तव,(जिलाध्यक्ष) श्यामराज यादव,(जिलामंत्री),द्विवाकर द्विवेदी(वरिष्ठ उपाध्यक्ष), परशुराम यादव(मण्डल अध्यक्ष) सहित तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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