चंदौली। प्रदेश की बिहार से सटी सीमा पर रोजाना घंटो जाम लगता है। लोग इसमें फंसे रहते हैं। शिकायत करने पर भी कोई असर नहीं होता और क्षेत्रीय नागरिक इसे लाइलाज रोग मान चुके हैं। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही जाम में फंसे तो इसके साइट इफेक्ट दिखने लगे हैं। कैबिनेट मंत्री ने पहले आईजी और कमिश्मर के संग छापेमारी कर सरकारी महकमों की पेंच कसी। अब छापे का असर पुलिस-प्रशासन पर भी दिखने लगा है। इंस्पेक्टर सैयदराजा आशुतोष ओझा को यहां से हटाने के साथ एसीपी समेत चार को लाइन हाजिर करा दिया गया है।

एसपी सिंह को मिली सैयदराजा की कमान

इंस्पेक्टर सैयदराजा को यहां से हटाकर पुलिस आफिस में मीडिया सेल प्रभारी बनाया गया है। इनके अलावा यातायात व्यवस्था में तैनात एसीपी सुरेन्द्रसिंह,कांस्टेबिल संतोष कन्नौजिया, कांस्टेबिल मनोज कुमार तथा कांस्टेबिल आलोक सिंह लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी संतोष सिंह ने मुगलसराय में तैनात इंस्पेक्टर एसपी सिंह को सैयदराजा का नया कोतवाल बनाया गया है। ताजा घटनाक्रम से पुलिस महकमे में हड़कंप मची है। एक-दो खेमे की परिक्रमा कर यहां की नौकरी चल रही थी लेकिन इस तरह किसी मंत्री के जाम में फंसने को लेकर कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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