मऊ। दो दशक पहले 3 महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार की वारदात में पीड़ितों को बुधवार को आखिरकार न्याय मिल ही गया। मामले में पांच आरोपियों को न्यायालय द्वारा 10-10 वर्ष कारावास सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) बीर नायक सिंह की कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्य के अवलोकन के बाद पांचों आरोपियों को सजा सुनाई। साथ ही उन्होंने सभी आरोपियों पर 3 हजार अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न अदा करने पर उन्हें एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अगवा कर दिया था वारदात को अंजाम

अभियोजन के मुताबिक 27 मार्च 1998 की रात में साढ़े 9 बजे तीन पीड़िताओं को रानीपुर थाना क्षेत्र के नई बाजार धरौरा निवासी फरीद सोचन पासी तथा शमसाबाद निवासी देवी शरण, नंदू पासी व सिराजुद्दीन उठाकर लेकर चले गए। आरोपितों ने पीड़ितो के संग सामूहिक रूप से दुराचार किया। मुकदमा दर्ज होने बाद रानीगंज पुलिस ने विवेचना कर सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 12 गवाह पेश किए गए।

admin

No Comments

Leave a Comment