वाराणसी। गरीबों के बच्चे भी प्राइवेट विद्यालयों में पढ़ सके इसकी खातिर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) बना है लेकिन शहर के ‘शिक्षा माफिया’ इसका अनुपालन ही नहीं करते हैं। कमिश्नर दीपक अग्रवाल के सामने इससे संबंधित आंकड़े आये तो वह भड़क गये। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम का अनुपालन न करने वाले निजी विद्यालयों के विरूद्व एफआईआर कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होने अधिनियम के तहत वाराणसी मंडल के निजी विद्यालयों में अब तक मात्र 2107 गरीब बच्चों का दाखिला कराये जाने को हास्यास्पद बताते हुए शिक्षा विभाग के उदासीनता पर गहरी नाराजगी जतायी। उन्होने इस सत्र में मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अनुमन्य सीट के सापेंक्ष कक्षा 1 में 25 फीसदी गरीब बच्चों का दाखिला हर हालत में कराये जाने पर जोर दिया। उन्होने जनपद के डीएम को वे अपने-अपने जिलों में निजी विद्यालयों के प्रबन्धक एवं प्रधानाध्यापिकाओं के साथ बैठक कर अधिनियम का अनुपालन करते हुए बच्चों का कक्षा-1 में प्रवेश सुनिश्चित कराये जाने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होने जुलाई में विद्यालय खुलने पर सरकारी अच्छे विद्यालयों की कक्षाओं में कराये जा रहे पठन-पाठन की 2-2 मिनट की वीडियो क्लीप तैयार कर उपलब्ध कराये जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया। विद्यालय खुलने पर बच्चों को समय से नि:शुल्क ड्रेस वितरण कराये जाने पर उन्होने जोर देते हुए आवश्यक रणनीति बनाकर गुणवत्ता के साथ ड्रेस वितरण सुनिश्चित कराये जाने हेतु डीएम एवं सीडीओ को निर्देशित किया।

जब्त होंगे सड़क के किनारे पड़े बिजली के खंभे

कमिश्नर दीपक अग्रवाल सोमवार को अपने अनुश्रवण कक्ष में विकास कार्यो की मण्डलीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। शहर में आईपीडीएस, हदय एवं अन्य योजनाओं के तहत शिफ्टिग के दौरान निकले बिजली एवं टेलीफोन के सड़कों के किनारे फूटपाथ पर पड़े खम्भों को मौके से हटाये जाने के निर्देश के बावजूद विभागीय उदासिनता पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम के अधिकारी को आज रात्रि 12 बजे से अभियान चलाकर सड़क किनारे फूटपाथ पर पड़े विद्युत पोलों को हटाकर जब्त किये जाने का निर्देश दिया। शहर की 14 सड़कों के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर उनहोने गहरी नाराजगी जतायी। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने निर्माण कार्य के दौरान सड़को के दोनो तरफ नालियों का प्राविजन न होने तथा सड़क निर्माण के दौरान पुराने नालियों तक सड़क बना दिये जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बरसात के दिनों में इससे जलजमाव की समस्या पैदा होगी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने लोनिवि के द्वारा सड़कों के कराये जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि सड़क पर गड्ढे आपको क्यों नही दिखते? उन्होने बनाये गये सड़को की सूची तलब करते हुए इसका रेण्डम जांच कराये जाने का निर्देश दिया।

वरुणा कॉरिडोर को लेकर लगी सिचई विभाग की क्लास

कमिश्नर ने वरूणा कॉरिडोर चैनेलाइजेंशन निर्माण कार्य की धीमी गति से कराये जा रहे कार्य के औचित्य पर सवाल खड़ा करते हुए सिचाई विभाग के अभियंता को आड़े हाथ लिया। उन्होने कहॉ कि 152 करोड़ की भारी-भरकम राशि व्यय किये जाने के बावजूद कार्य सन्तोषजनक नही है। कॉरिडोर निर्माण के दौरान 4-4, 5-5 इंच के स्टेप बनाये जाने के औचित्य पर डीएम ने भी सवाल खड़ा किया। कमिश्नर ने वरूणा कॉरिडोर निर्माण कार्य के बाबत शीघ्र ही शासन स्तर पर बैठक कराकर एक कमेटी बनवाकर आवश्यक शेष कार्यो को पूरा कराते हुए कार्य वाइन्डिग कराये जाने पर जोर दिया। कमिश्नर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहॉ कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का विभागीय लक्ष्य के सापेंक्ष क्रियान्वयन युद्वस्तर पर अभियान चलाकर पूरा कराया जाय। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नही किया जायेगा। बैठक में डीएम वाराणसी योगेश्वर राम मिश्र, डीएम जौनपुर अरविन्द मलप्पा बंगारी, डीएम चन्दौली नवनीत सिंह चहल, संयुक्त विकास आयुक्त पीबी वर्मा, सीडीओ वाराणसी गौरांग राठी सहित जिलों के सीडीओ के अलावा विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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