वाराणसी। लंका थाने से कुछ मीटर की दूरी पर मनबढ़ों के जानलेवा हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए जल निगम के जेई सुशील कुमार गुप्ता (34) ने एक हफ्ते तक जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद मंगलवार की दोपहर नई दिल्ली स्थित एम्स में दम तोड़ दिया। अवर अभियंता की मौत की सूचना पर जहां विभागीय सहकर्मी सदमे में डूब गये वहीं लंका पुलिस नये सिरे से अपना चेहरा बचाने में जुट गयी। जेई के मौत की सूचना पर उनके कार्यस्थल पर शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें एक करोड़ रुपये मुआवजे समेत दूसरी मांगे की गयी। बताया गया है कि पोस्टमार्टम के बाद जेई का शव गोपीगंज (भदोही) ॉके लालानगर गांव स्थित उनके पैतृक आवास ले आया जाएगा।

परिवर्तित हुई मुकदमे की धाराएं

मौत की पुष्टि होने बाद लंका पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ थाने में दर्ज मुकदमे की धाराओं को तरमीम करते हुए हत्या प्रयास से सीधे हत्या में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराओं तहत भी कार्रवाई की है। इस मामले के आठ आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है लेकिन दबिश और कई टीमों की तलाश के दावों के बावजूद दो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह दशा तब है जब पीएमओ और मुख्यमंत्री कार्यालय से रोजाना के प्रगति की रिपोर्ट मंगायी जा रही है। सफाई में लंका इंस्पेक्टर का कहना था कि सभी के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है। फिलहाल कोर्ट से फरार आरोपितों की सम्पति भी कुर्क कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है।

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