अंतत: बेटों और भतीजे के साथ भदोही के भाजपा विधायक हो ही गये ‘गैंगरेप’ में नामजद, जांच के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

भदोही। पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर सदर विधायक रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी सुर्खियों पर में थे। वजह, एक महिला ने विधायक के साथ उनके बेटों और भतीजे पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। सत्ताधारी दल भाजपा का विधायक होने के नाते पुलिस हाथ डालने से कतरा रही थी। पीडिता ने न सिर्फ बाकायदा प्रेस कांफ्रेस की बल्कि शासन से लेकर आला आधिकारियों से गुहार लगायी। इसके बाद काफी समय तक जांच के नाम पर मामला रूका रहा। आरोप है कि इस अवधि में ‘मैनेज’ करने की कोशिशें होती रही। पीड़िता न सिर्फ आरोपों पर अडी रही बल्कि बातचीत को भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। नतीजा, विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य सचिन त्रिपाठी सहित उनके पुत्र दीपक तिवारी, प्रकाश तिवारी, नीतेश और भतीजे संदीप त्रिपाठी व चंद्रभूषण तिवारी पर भदोही कोतवाली में गैंगरेप और गर्भपात कराने के आरोपों में रपट दर्ज की गई है। साथ ही तीन सदस्यीय टीम गठित कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस की कार्रवाई से जिले की सियासत में भूचाल आ गया है।

छह सालों शादी करने का झांसा देकर करते रहे दुष्कर्म

वाराणसी निवासिनी पीड़िता ने 10 जनवरी को एसपी को प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप थे कि विधायक के भतीजे संदीप 2014 से ही उसे शादी करने का झांसा देकर शारीरिक शोषण करते रहे। इस दौरान गर्भपात भी कराया। पिछले भदोही विधानसभा चुनाव के समय भदोही स्थित होटल में विधायक सहित सभी ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वह जब भी संदीप से शिकायत करती मामले को नजर अंदाज करते रहे। दर्ज रपट में मुंबई से लेकर वाराणसी के कई होटलों के नाम हैं जिसमें संदीप ने अपनी पत्नी के रूप में उसे लंबे समय तक रखा और बराबर दुष्कर्म का सिलसिला चलता रहा। आजिज आकर एक धार्मिक समारोह के समय वह घर पहुंच गयी तो सभी मारने को दौड़ा लिये।

एएसपी ने की थी जांच

पीड़िता ने पहले भी प्रार्थनापत्र दिये थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उसने मीडिया को सब कुछ बता दिया तो धमकी का सिलसिला तेज हो गया। इसके बाद नौ फरवरी को जब पीड़िता ने फिर से शादी करने को कहा तो उसे जान से मरने की धमकी दी गई। एसपी रामबदन सिंह मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा को सौंपी थी। बुधवार को एएसपी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी। एसपी ने स्वीकार किया कि आरम्भिक जांच में प्रथम दृष्टिया दोषी पाते हुए सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना करने के लिए भदोही कोतवाली में टीम गठित कर दी गई है।

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