गले का फांस बने प्रधान बनने के लिए दाखिल कागजात, धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज और गॉज गिरने की तैयारी

वाराणसी। देहात में प्रधानी को येन-केन प्रकारेण हासिल करने के फेर हर हथकंडा अपनाया जाता है लेकिन कभी-कभी फर्जीवाड़ा गले का फांस बन जाता है। ऐसा ही मामला रहा घमहापुर (लोहता) का जहां की प्रधान पूजा देवी के संग उनके पति अशोक कुमार धोखाधड़ी की धाराओं के तहत नामजद हुए हैं। आरोप है कि चुनाव लड़ने के लिए फर्जी दस्तावेज का सहरा लिया गया था। कोर्ट के आदेश पर अईपीसी की धारा न्यायालय के आदेश पर धारा 419, 420, 467, 468 और 469 के तहत मुकदमा कायम कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।

उम्र थी कम लेकिन कागज में पूरा किया कोरम

गौरतलब है कि पिछले पंचायत के चुनाव में पूजा देवी घमहापुर ग्रामसभा से प्रधान निर्वाचित हुई थी। वादी की पत्नी सुनीता देवी भी प्रत्याशी थी जो दूसरे स्थान पर रही। मुकदमा वादी व घमहापुर के पूर्व प्रधान हंसलाल साहनी ने बताया कि चुनाव के समय चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र सीमा पूरा न होने के बावजूद प्रधानपति अशोक कुमार ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र बनवाकर अपनी पत्नी पूजा को चुनाव लड़वाया था। जिसकी शिकायत पूर्व में एसओ, एसएसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों से की गयी थी, परन्तु कार्यवाही न होने पर कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रधान पूजा के पति ने अमर ज्योति विद्यालय, संकुलधारा, खोजवां का कक्षा 5 का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, जिसमें जन्मतिथि 15.01.1993 दशार्या गया था, जिसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व खण्ड शिक्षा अधिकारी भेलूपुर ने गलत बताया व कहा कि उक्त विद्यालय में पूजा कभी पढ़ी ही नहीं है। वादी मुकदमा ने बताया कि पूजा देवी की वास्तविक जन्मतिथि 15.04.1999 है, जिसकी पुष्टि माध्यमिक शिक्षा परिषद के अंकपत्र से होती है।

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