लखनऊ। भाजपा का मुद्दा विकास नहीं है। अच्छे दिन आने का उसने सपना दिखाया। समाजवादी सरकार ने अयोध्या, काशी, मथुरा में तमाम काम कराये। धर्मजाति के भेदभाव के बिना छात्र-छात्राओं को लैपटॉप बांटे। कन्या विद्याधन बांटा गया। भाजपा सरकार ने तो हजारों बच्चों को एक ही नम्बर के जूते बांट दिए। उन्हें घटिया स्वेटर और बैग बांटे जो चंद दिन में फट गए। आजादी के बाद इतने उद्यमी देश से बाहर पलायन नहीं किए जितने भाजपा राज में गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा से जनहित की योजना के बारे में आशा करना निरर्थक है। बबूल का पेड़ बोने पर आम कहां से मिलेंगे। समाजवादी पार्टी मुख्यालय डा. लोहिया सभागार में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को खरी-खरी सुनायी।

बांटती नहीं छीनती है भाजपा

अखिलेश यादव ने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है। समाजवादी सरकार में ही भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी। भाजपा ने वह अवकाश समाप्त कर दिया। समाजवादियों ने प्रबुद्ध समाज को जो सम्मान दिया भाजपा ने उसे छीनने का काम किया है। आज के दिन भगवान परशुराम का क्रोध याद न आए, यह कैसे संभव है? जनता के आक्रोश का एक अंदाजा गोरखपुर-फूलपुर के उपचुनावों के नतीजों से आया है। समाजवादी सरकार में कला संस्कृति की परम्परा को आगे बढ़ाने का प्रयास था। संस्कृत शिक्षकों को सुविधाएं दी। समाजवादी विचारधारा सबको साथ लेकर चलती है। समाजवादी सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनाया जिस पर युद्धक विमान उतारे गए। भाजपा ने कोई काम नहीं किया। भाजपा से जनता को सावधान रहना चाहिए।

अयोध्या से आये संतो ने दिया आशीर्वाद

इस अवसर पर अयोध्या के साधू-संतो ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इनमें अ महंत दिलीप दास, दयालू दास, नीरज शास्त्री, कमलेश दास शास्त्री, राजीव लोचन शरण, जानकी रमण शरण, महंत बिदूर दास, श्यामा दास, महंत अनिल मिश्रा, पुजारी किशोरी दास, वरूण दास, मुन्ना दास, आर्चाय शिवेन्द्र दास, राज कमल, किशोरी रमण शरण, श्याम बिहारी दास, शिया किशोरी शरण, राघव बिहारी दास एवं श्याम नेत्र दास उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्यरूप से बाबा दुबे पूर्व एमएलसी,पूर्व मंत्री पवन पांडेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक,तनुज पाण्डेय, रोहित शुक्ला, राहुल दुबे, सनातन पाण्डेय, यश भारती सम्मानित मधुकर त्रिवेदी एवं मणेन्द्र मिश्र, राजा चतुवेर्दी, पीडी तिवारी, रोहित शुक्ला, गीता पाण्डेय, मुकेश शुक्ला, सुषील दीक्षित, प्रदीप शर्मा, सिद्धार्थ मिश्रा, , पूजा शुक्ला, भानु मिश्र, धनंजय शर्मा, आलोक त्रिपाठी, करूणेश द्विवेदी (के.डी.) अरूण दूबे, मोनू दुबे, इंद्रासना त्रिपाठी, विभा शुक्ला, आनन्द त्रिपाठी, विवेक मिश्र, अंकित तिवारी, राहुल दुबे, दीपक पाण्डेय टेसू, भानु मिश्र, कार्तिक तिवारी, अजितेश पाण्डेय, सुधांशु बाजपेई, प्रशांत पाठक, अभिषेक तिवारी सहित सैकड़ों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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