जौनपुर। बेलाव घाट पुल (जफराबाद) के पास गला रेतकर फेंके गए अधेड़ के हत्या की गुत्थी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। वजह, शव की शिनाख्त ही नहीं हो पा रही थी जिससे कोई सुराग मिलता। क्लू के रूप में सिर्फ टेलर का मार्का था लेकिन वह भी पहचान हीं पा रहा था कि किसके लिए शर्ट सिली थी। मशक्कत के बाद शव की पहचान हुई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पूछताछ के लिए पुलिस जब मृतक के बड़े बेटे प्रदीप (32) को थाने ले आई तो वह टूट गया। उसकी कहानी सुनकर पुलिस भी सकते में रह गयी। बकौल प्रदीप डेढ़ दशक तक सऊदी अरब में मशक्कत से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बचा कर अपने पिता लालचंद को भेजा था। इन रुपयों से पिता ने जमीन, मकान समेत दूसरी सम्पति बनाई। पिछले साल वह सऊदी अरब से घर आया तो उसका विवाह हुई। इसके बाद प्रदीप और उसकी पत्नी ने पिता से उन रुपयों को वापस मांगना शुरू किया जिसे उसने कमाकर दिया था तो सम्पति से बेदखल करने की धमकी मिलने लगी।

साथी निकल गया मलेशिया, खुद भी भागने की फिराक में था

पिता की धमकी के बाद प्रदीप जलालुद्दीनपुर (जलालपुर) के रहने वाले साथी संदीप कुमार मौर्य से मिलने मुंबई चला गया। यहां दोनों ने पिता को रास्ते से हटाने की योोजना तैयार की। इसके तहत दोनों मुंबई से घर आ गए। प्रदीप सऊदी अरब जाने के लिए टिकट बनवाने के बहाने सात अगस्त पिता को लेकर साथी संदीप मौर्य के घर पहुंच गया। यहां से रात को वाराणसी जाने के बहाने बाइक से निकले। बाइक संदीप मौर्या चला रहा था जबकि लालचंद्र को बीच में बैठाकर प्रदीप पीछे बैठा था। बेलाव घाट के पास पहुंचे तो पेशाब करने के बहाने प्रदीप ने बाइक रुकवायी और चाकू निकाल कर पिता की गली रेत दिया हत्या कर दी। सह आरोपित संदीप 29 अगस्त को मलेशिया चला गया जबकि इसी दिन प्रदीप भी सऊदी जाने की तैयारी में था लेकिन पुलिस ने उसे घर से उठा लिया था।

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