वाराणसी। जब किसान आत्मनिर्भर होगा तभी देश स्वावलम्बी होगा। फाउण्डेशन फॉर एडवॉसमेन्ट आॅफ एग्रीकल्चर एण्ड रुरल डेवलपमेन्ट (फार्ड) द्वारा किसानो को सशक्त बनाने के लिए फारमर्स प्रोड््यूर्स कम्पनी के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलो में किसानो के स्वामित्व वाली लगभग दो दर्जन से अधिक कम्पनियां स्थापित की गयी है जो शत-प्रतिशत परिणाम दे रही है। कृृषि उत्पादों के खेतो से बाजार तक मूल्य वर्धित कर लिंक करने की जरुरत है जिससे उद्यमिता का विकास हो सके। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृृषि विश्वविद्यालय झांसी के चांसलर एवं नेशनल अकैडमी फॉर एग्रीकल्चरल साइंसेज नई दिल्ली के प्रेसीडेण्ट डा. पंजाब सिंह बुधवार को अदलपुरा स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में आयोजित नेशनल अकैडमी आॅफ एग्रीकल्चरल साइंसेज के वाराणसी चैप्टर के उद््घाटन अवसर पर फार्ड के तत्वावधान में आयोजित फारमर्स प्रोड््यूर्स कम्पनी के निदेशकगण किसानो के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के मंचो से सदैव कृृषि एवं किसानो के विकास की अनेक योजनाओ एवं कार्यक्रमो को बनाने की बात की जाती है अब जरुरत है उसे क्रियान्वित करने की।

किसानों के स्वामित्व वाली कंपनी के निदेशक सम्मानित

इस अवसर पर उत्कृृष्ठ कार्य करने वाली फारमर्स प्रोड््यूर्स कम्पनी के निदेशको को अंगवस्त्रम देकर अतिथियो ने सम्मानित किया। सम्मानित होने वालो में अजय सिंह ईशानी एग्रो प्रोड््यूर्स कम्पनी लिमिटेड चन्दौली, राम कुमार सिंह शिवांस प्रोड््यूर्स कम्पनी लिमिटेड गाजीपुर, बड़ागॉव एग्रो प्रोड््यूर्स कम्पनी लिमिटेड वाराणसी के जयप्रकाश को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृृषि वैज्ञानिक चयन मण्डल नई दिल्ली के चेयरमैन डा एके श्रीवास्तव, पूर्व चेयरमैन एवं कृृषिविद प्रो. रामवदन सिंह तथा जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के पूर्व कुलपति प्रो. गौतम कल्लू आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रो. बिजेन्द्र सिंह ने स्वागत किया। इसके पूर्व किसान कल्याण दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में नेशनल अकैडमी फॉर एग्रीकल्चरल साइंसेज के वाराणसी चैप्टर का शुभारम्भ हुआ। इसके अलावा दो अन्य प्रकल्पो का उदघाटन हुआ। इस अवसर पर अतिथियो ने फार्ड संवाद न्यूज लेटर का विमोचन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृृषि वैज्ञानिक व फारमर्स प्रोड््यूर्स कम्पनियो के कृृषकगण मौजूद थे।

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