वाराणसी। काशी और गोरखपुर प्रांत के बीजेपी के वरिष्ठ नेता का फर्जी वीडियो वायरल करना एक ‘पत्रकार’ को भारी पड़ गया। बीजेपी के स्थानीय नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पत्रकार के खिलाफ भेलुपूर थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए उसका चालान कर दिया। बहरहाल मुकदमे की धाराएं जमानतीय होने के चलते कोर्ट से बेल मिल गयी और जेल नहीं जाना पड़ा। गौरतलब है कि इस मामले में तीन दिन पहले ही इलाहाबाद के सिविल लाइंस थाने में भी मुकदमा कायम किया जा चुका है।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा था हड़कंप

पिछले दो दिनों से वरिष्ठ नेता का एक वीडियो शहर में तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में बड़े नेता को एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया था। वीडियो के वायरल होते ही हड़कंप मच गया। मामला चूंकि सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ नेता से जुड़ा था लिहाजा सरकारी मशीनरी भी फास्ट हो गई। वीडियो की पड़ताल के लिए आईटी के बड़े-बड़े दिग्गजों को लगाया गया। इस बीच सोमवार को भेलूपुर पुलिस ने नितिन राय नाम के एक पत्रकार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि नितिन ने ही वीडियो को एडिट कर उसे वायरल किया। भेलूपुर पुलिस ने आरोप शख्स के खिलाफ धारा 500, 120 बी, 67 आईटी एक्ट व धारा 6 का दोषी पाते हुये मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के हाथ लगा ओरिजन वीडियो

वहीं इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी काशी क्षेत्र के महामंत्री अशोक चौरसिया ने कहा कि बड़े नेता के बारे में षडयंत्र के तहत एक विडियो और फोटो मिडिया और सोशल मीडिया पर दो-तीन दिनों से चलाया जा रहा है जो कि पूरी तरह से फर्जी और निराधार है तथा कट पेस्ट करके बनाया गया है। वह 19 मिनट का ओरिजनल विडियो भी मिल गया है जिससे छेड़छाड़ करके तथाकथित विडियो और फोटो बनाया गया है जिसका उनसे कोई सम्बंध नहीं है। यह केवल एक नेता की छवि को खराब करने का प्रयास नहीं है बल्कि पूरे भाजपा की छवि को क्षतिग्रस्त करने और लाखों कार्यकतार्ओं का मनोबल तोड़ने का दुष्चक्र है।

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