देश की वायु गुणवत्ता में गिरावट पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता, बीएचयू में जुटे दुनिया के विद्वानों ने दिये अहम सुझाव

वाराणसी। तेजी से बढ़ता वायु प्रदूषण इन दिनों देश में चिंता का विषय बना है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर सरकार तक इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर रही है। बीएचयू में मंगलवार से आरम्भ हुए पांचवीं एशियाई वायु प्रदूषण कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों ने भारत में वायु प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर पर चिंता प्रकट की। कई एशियाई और यूरोपीय देशों समेत पूरे भारत भर से कार्यशाला में आए जानकारों और प्रतिभागियों ने वायु प्रदूषण से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी चिंताएं, विचार और सुझाव साझा किये। राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला अहमदाबाद के प्रोफेसर श्याम लाल ने भारत में बिगड़ती वायु गुणवत्ता की चर्चा की। उन्होंने भारत में तापमान और ग्रीनहाउस गैसों की प्रवृत्ति को दिखाया और कहा कि ट्रोपोस्फेरिक ओजोन का फसल की उपज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने चेताया कि समय की मांग है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नीति निर्माण पर जोर दिया जाए।

चीन-जापान से काफी कुछ सीख सकता है भारत

सत्र के दूसरे मुख्य भाषण में चीन के नानजिंग सूचना विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर झाओजॉन्ग फेंग ने बताया कि कैसे चीन में हवा की गुणवत्ता में सुधार किया गया है। हालांकि उन्होंने ट्रोपोस्फेरिक ओजोन में बढ़ोतरी का भी जिÞक्र किया। प्रो फेंग ने गेहूं, चावल और सोयाबीन की उपज में वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसान की भी चर्चा की। बीएचयू विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि चीन और जापान से भारत काफी कुछ सीख सकता है कि कैसे उन देशों में अधिक जनसंख्या घनत्व के बावजूद वायु गुणवत्ता को बरकरार रखा गया है। भारत समेत दुनिया भर में जंगलों में लगने वाली आग पर गहरी चिंता जताते हुए प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि इस दिशा में गंभीरता से प्रयास करने की आवश्यकता है। जापान के टोक्यो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर काजुहिको कोबायाशी ने कहा कि एशिया में विशेषज्ञों और उपायों का एक नेटवर्क तैयार करने की बहुत जरूरत है ताकि वायु प्रदूषण से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

इनकी भी रही भागीदारी

कार्यशाला के पहले पूर्ण सत्र की अध्यक्षता मृदा विज्ञान संस्थान कैस नानजिंग चीन के डा. होए तांग ने की और आईईएसडी से डॉ तीर्थंकर बनर्जी ने इसका संयोजन किया। कार्यक्रम की मेजबानी कार्यशाला की संयोजक वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. मधूलिका अग्रवाल ने कहा कि भारत में वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर इस कार्यशाला का आयोजन बहुत सही समय पर हुआ है। वनस्पति विज्ञान विभाग प्रमुख प्रो आरएस उपाध्याय ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और इस तरह के आयोजनों के बढ़ावा देने में बीएचयू की भूमिका के बारे में चर्चा की। आयोजन सचिव प्रो एस बी अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया और वायु प्रदूषण की समस्या को जन जागरण लाने की दिशा में मीडिया की भूमिका की सराहना की।

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