भले लॉकडाउन में नहीं थी ढील लेकिन गंगा दशहरा पर गंगा में डुबकी लगाने छह की जान गयी, पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में हादसे

वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की खातिर चल रहे लॉक डाउन में भले अभी धार्मिक आयोजन को लेकर ढील नहीं दी गई थी लेकिन लोगों ने इसकी परवाह नहीं की। नतीजा, सोमवार को गंगा दशहरा पूर्वांचल के कई जिलों में लोग डुबकी लगाने पहुंचे लेकिन इनमें से छह जान गवां बैठे। सिर्फ गाजीपुर व बलिया जिले में इन छह लोगों की मौत हुई है। शाम तक गाजीपुर में तीनों के शव बरामद हो गए लेकिन बलिया में तलाश चल रही थी। अलबत्ता वाराणसी में पुलिस सुबह से खासी सक्रिय दिखी और गंगा स्नान के लिए जाने वालों को रोक कर रखने का प्रयास किया।

सगे भाइयों के साथ रिश्तेदार हादसे का शिकार

छोटा महादेव घाट (गाजीपुर) में सोमवार को गंगा दशहरा के मौके पर गंगा स्नान को गए दो सगे भाईयों के साथ एक चचेरे भाई की डूबने से मौत हो गय् सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शवों को नदी से निकलवा लिया है। शहर कोतवाली के मोहनपुरवा में रहले वाले सुरेंद्र कश्यप के बड़े बेटे सौरभ (15) के साथ छोटा बेटा शिवम (13) तथा अपने चचेरे भाई चुन्ना (18) सहित अन्य लड़कों के साथ गंगा में स्नान करने गया था। शिवम अचानक गहरे पानी में जाकर डूबने लगा तो उसको बचाने में सौरभ व चुन्ना की भी डूबकर मौत हो गयी।

बलिया में अलग स्थानों पर हुए हादसे

दूसरी तरफ बलिया में भी गंगा दशहरा के मौके पर अलग-अलग स्नान घाटों पर पहुंचे दो किशोर और एक मासूम गंगा में डूब गए। माल्देपुर संगम घाट (फेफना) में सोमवार की सुबह गंगा दशहरा के मौके पर गंगा स्नान के दौरान अंकुश (14) व गोलू राजभर (15) निवासी निधरिया डूब गए। इसी तरह पचरुखिया घाट (हल्दी) में दादी के साथ नहाने गया सात साल का प्रिंस पटेल भी डूब गया। इन तीनों शवों की तलाश देर शाम तक जारी थी।

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