‘कचरे’ से भी कर सकते हैं कमाई किसान, बीएचयू में खास इंतजाम के लिए बताये गये समाधान

वाराणसी। बीएचयू में रविवार को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और कृषि मंत्रालय के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रो पीके मिश्र (प्रधान अन्वेषक) ने किसानों को कचरे को लेकर तैयार की गयी योजना से अवगत कराया। साथ ही किसान समुदाय को यह भी बताया कि कैसे वे अपनी बुनियादी समस्याओं को हल कर सकते हैं और इस योजना के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कचरा क्लिनिक फेम, श्री प्रवीण नायक ने किसानों और गैर सरकारी संगठनों के लिए अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने ईंटों, प्लास्टिक टाइलों, ईंधन आदि जैसे कुछ उत्पादों को दिखाया, जो शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्र किए गए कचरे से बनाया गया था। उन्होंने बताया कि हम कैसे कचरे से पैसा बना सकते हैं और इस देश की एक बड़ी समस्या को हल कर सकते हैं।

20 जून के पहले कर सकते हैं आवेदन

कार्यशाला में महोबा के सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेंद्र मिश्रा ने भी अपना अनुभव साझा किया। इस कार्यशाला में एक वाटर हार्वेस्टिंग डिवाइस लॉन्च किया गया है जिसकी लागत बहुत सस्ती है और बहुत उपयोगी है। कार्यशाला के अंत में प्रो. पीके मिश्र ने कहा कि अगर किसी के पास कोई विचार है जो ठोस अपशिष्ट मुद्दे को हल कर सकता है और कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल किया जा सकता है तो आरकेवीवाई-रफ़्तार योजना में 20 जून से पहले आवेदन कर सकते हैं।

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