वाराणसी। नये सेशन में एडमीशन आरम्भ होने के साथ स्टेशनरी और ड्रेस की कुछ दुकानों पर भारी भीड़ दिखने लगी है। हर कोई हजारों में भुगतान कर वहां से निकलता है। बावजूद इसके इनका रिर्टन काफी कम दाखिल किया जाता था। इसे गंभीरता से लेते हुए आयकर विभाग ने अधिकांश स्कूलों को सप्लाई करने वाली स्टेशनी की प्रतिष्ठित फर्म विद्यार्थी केंद्र, विद्या केंद्र व विद्यार्थी मित्रम के अलावा स्कूली ड्रेस व तैयार परिधान के प्रतिष्ठान कम्फर्ड के यहां छापेमारी की। मंगलवार की सुबह से देर रात तक 17 ठिकानों पर जांच चलती रही जिससे दूसरे कारोबारियों में भी हड़कम्प मची है। छापेमारी के दौरान खरीद-बिक्री समेत अन्य दस्तावेज सीज करने के साथ संचालकों से पूछताछ हो रही है। माना जा रहा है कि करोड़ों की करचोरी का खुलासा हो सकता है।

जब्त दस्तावेज बता रहे कुछ और कहानी

आयकर सूत्रो के मुताबिक इन फर्मों के संचालकगण पिछले कई साल से रिटर्न में काफी कम आय घोषित कर रहे थे। साफ था कि आय की तुलना में काफी कम टैक्स जमा कर रहे थे। दूसरी तरफ इनके प्रतिष्ठानों में मिले स्टॉक से इस बात के सबूत मिले है कि कारोबार खासा अच्छा होता है। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद लक्जरी वाहनों से पहुंचे वाराणसी, बलिया और भदोही के 50 से अधिक अफसरों ने गुरुबाग, मड़ौली, सुंदरपुर, पांडेयपुर, नदेसर, रथयात्रा, नरिया, मड़ौली और लक्सा स्थित सभी 17 प्रतिष्ठानों के खुलते ही एक साथ सर्वे की कार्रवाई शुरू की। पर्याप्त पुलिस बल के साथ होने के कारण प्रतिष्ठान संचालक व कर्मचारी विरोध नहीं कर सके।

एक-दो दिन में स्पष्ट होगी वस्तुस्थिति

सभी प्रतिष्ठानों छापेमारी के दौरान अफसरों ने खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेखों को बारीकी से खंगालना शुरू किया। उनके हाथ विभिन्न नामों के हस्ताक्षर किये हुये चेक, सादी पर्चियां, खाताबही, कम्प्यूटर हार्डडिस्क, जरुरी कागजात, पर्सनल डायरी, बैंक खाते, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, लैपटॉप आदि हाथ लगे, जिसे जब्त कर दिया गया है। इस दौरान प्रतिष्ठानों में मिले स्टॉक का मिलान भी किया गया। इनके छानबीन के बाद ही तस्वीर उभर कर सामने आयेगी कि करोड़ो की कर चोरी हुई है। अपर आयकर निदेशक (जांच) डा. अभय कुमार ठाकुर ने स्वीकार किया कि इन प्रतिष्ठानों के संचालक हर साल रिटर्न तो दाखिल करते थे, लेकिन रिटर्न में आय कम घोषित करते थे। कर चोरी का पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद ही सर्वे की कार्रवाई की गयी है। जांच पूरी होने के बाद ही असली तस्वीर उभर कर सामने आयेगी। जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर पीके श्रीवास्तव, आयकर अधिकारी अंजनी कुमार, एसके सिंह, हिमांशु कुमार व बल्लभ शुक्ला, आयकर निरीक्षक जीके बरुआ, आशुतोष त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार व रणजीत कुमार आदि शामिल है।

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