जिस वारदात के चलते कोतवाल-दरोगा की हुई विदाई दो जिलों की क्राइम ब्रांच मिल कर सुलझाई, कालोनाइजर बनने के लिए सर्राफा को लूटा

वाराणसी। कछवां रोड में 24 अक्टूबर को सर्राफा को गोली मारकर लूटने के मामले में तत्कालीन मिर्जामुराद इंस्पेक्टर के संग चौकी इंचार्ज निलंबित हो गये थे। इसके तीन दिन बाद सारनाथ में लूट के दौरान विरोध करने पर एक बेगुनाह को मौत के घाट उतार दिया गया था। आभूषण व्यवसायियों के साथ हो रही लूट की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, भदोही क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय सिंह, सुरियावां (भदोही) एसओ विजय प्रताप सिंह और मिर्जामुराद इंस्पेक्टर सुनील दत्त दुबे ने संयुक्त अभियान में लूट की कई वारदातों को अंजाम देने वाले कृष्ण प्रताप यादव उर्फ अरविंद यादव उर्फ अर्जुन तथा राजन कन्नौजिया को गिरफ्तार किया।

सर्राफ को मान रखे थे ‘आसान चारा’

एसपी आरए मार्तन्ड प्रताप और एसपी क्राइम ज्ञानेन्द्रनाथ प्रसाद ने गिरफ्तार बदमाशों को मीडिया के सामने पेश करते हुए सिलसिलेवार जानकारी दी। पूछताछ में बदमाशों का कहना था कि हम लोग साथ पढे थे। कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लिये जमीन का कारोबार करना चाहते थे जिसके लिये काफी पैसे की आवश्कता थी। अर्जुन ने कबूल किया कि मैं अपने दोस्तों के साथ पूर्व में भी लूट कर चुका था। सर्राफा व्यवसायियों के पास धन अधिक मिलता और विरोध नहीं होता इसलिये उनको लूटने की योजना बनाया। अर्जुन 18 अक्टूबर को राजन कनौजिया, चरनजीत व प्रमोद अवस्थी के साथ देवनाथपुर बाजार (भदोही) में सरार्फा व्यवसायी से लूट किये थे। व्यापारी द्वारा विरोध करने पर गोली मार दिया था। इसके बाद कछवां से कपसेठी रोड पर टमाटर सिंह कटरे में स्थित संजय ज्वेलर्स के मालिक को गोली मारकर पैसे व जेवरात लूट लिया गया था।

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