आजमगढ़। लोकसभा चुनाव के बाद जिले की पहचान सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र के रूप में रही। सपा के शासनकाल में यहां के छुटभैया भी सीधे नेताजी के बात करते थे। उन्हें रोकने-टोंकने की हिम्मत कियी को होती नहीं थी। इसी के चलते बोर्ड परीक्षा में पास कराने का ठेका भी चल रहा था। योगी सरकार बनने के बाद पहली बार हो रही बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर प्रदेश सरकार के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराया गया तो कुछ चौंकाने वाले नतीजे सामने आये। सख्ती का नतीजा रहा कि जिले में अब तक इंटर व हाईस्कूल में कुल अब तक लगभग 65 हजार परीक्षाथियों ने परीक्षा छोड़ दी। यह प्रदेश स्तर पर दूसरा नंबर है। दो सेन्टर डिबार किये गये तो कई जगहो पर दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गये परीक्षाथियों को पकड़ कर जेल भेजा गया।

डीएम ने दी चेतावनी, मिली लापरवाही को तो होगी कार्रवाई

सरकार की सख्ती का असर है कि नकल माफियाओं की भी नहीं चल रही। जिला प्रशासन नकल विहिन परीक्षा कराने के हर सम्भव प्रयास करता नजर आया जिसका असर देखने को भी मिल रहा है। जनपद में अब तक जहां हाईस्कूल में 41हजार तो इंटर में 21-22 हजार के आसपास परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह का कहना था कि अभी और सख्ती की जायेगी। जो भी लापरवाही करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाही की जायेगी।

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