कोरोना के चलते मास्क हुए नदारत तो लोग थे ‘खौफजदा’, इन महिलाओं ने इससे बचाव को बना लिया ‘कारोबार’

वाराणसी। दुनिया के अधिकांश देशों की तरह नोवल कोरोना वायरस भारत में महामारी घोषित किया गया है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने 21 दिवस का लॉकडाउन घोषित कर दिया है। बाजार में मास्क एवं पीपीई किट की किल्लत हो गयी जिससे लोगों का खौख बढ़ने लगा। इसको दूर करने एवं जिला प्रशासन के सहयोग में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत समूह से जुड़ी महिलायें काफी संख्या में आगे आकर मास्क एवं पीपीई किट तैयार कर उसे जिला प्रशासन को उपलब्ध करा रही हैं। महामारी के विपरीत परिस्थितियों में भी उन महिलाओं ने अपने लिये आजीविका का साधन ढूढ़ लिया है। महिलाओं द्वारा किया जा रहा कार्य काफी सराहनीय होने के साथ-साथ उन लोगों का हौसला बढ़ाना है कि लॉकडाउन में क्या किया जाय। काम धंधे तो बंद है लेकिन इन महिलाओं ने आगे आकर समाज को एक नयी सोच एवं रास्ता दिखने का काम किया है।

273 समूहों की 629 महिलाएं हैं जुड़ी

लगभग 273 चिन्हित स्वयं सहायता समूहों की 629 महिलाओं के द्वारा मास्क एवं पीपीई किट सिलाई का कार्य किया जा रहा है। जिसमें उनके सहयोग व सामग्री आपूर्ति आदि में मिशन के तीन जिला मिशन प्रबंधक तथा लगभग 28 बीएमएम लगाये गये हैं। अब तक लगभग 14649 से अधिक मास्क एवं पीपीई किट इन महिलाओं के द्वारा तैयार कर आपूर्ति की गयी है। प्रति दिन औसतन 1500 से अधिक मास्क एवं पीपीई किट समूह की महिलाओं के द्वारा बनाया जा रहा है।

डोर टू डोर सप्लाई में करेंगी मदद

आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजनान्तर्गत समूह की महिलाओं को जो वाहन उपलब्ध कराये गए हैं उनके माध्यम से डोर टू डोर राशन सामग्री,सब्जी आदि पहुंचाने की भी योजना बनाई गयी है। वाहनों से डोर टू डोर सामग्री पहुंचवाने से जहां शासन प्रशासन के सामने वाहनों की समस्या नहीं होगी साथ ही उन परिवारों को भी लाभान्वित किया जा सकेगा जो लाक डाउन की परिस्थितियों में रोजी रोटी के लिए परेशान हैं।

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