वाराणसी। भाभी पर तेजाब से हमला करने के मामले में रासुलहा गांव (कपसेठी) निवासी अभियुक्त देवर बृजेश सेठ को दोषी पाने पर 10 वर्ष के कठोर कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। स्पेशल जज (एंटी करेप्शन) की अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रुपए पीड़िता किरन देवी को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश भी दिया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत में अभियोजन की तरफ से एडीजीसी रोहित मौर्या, अपर्णा पाठक व वादिनी की तरफ से अधिवक्ता मनोज सिंह ने पक्ष रखा। अदालत ने मुकदमे अन्य आरोपी देवरानी बिंदु देवी व ससुर अमरनाथ को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

थाने में दरोगा के डांटने से था भड़का

अभियोजन के मुताबिक कपसेठी के रसुलहा गांव निवासी वादिनी किरन देवी ने 6 जून 2014 को डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि घरेलू विवाद को लेकर 5 जून 2014 की सुबह 8 बजे अपने घर के दरवाजे पर बैठी थी। उसी दौरान उसके देवर बृजेश व उसकी पत्नी मारपीट दिए। जिसकी सूचना थाने पर दी तो दरोगा जी ने बृजेश को डांटे और सुलह करने के लिए 10 तारीख को बुलाया। जब वह वापस घर आ गयी तो उसके तीन घंटे बाद 11 बजे दिन में ससुर अमरनाथ के साथ देवर बृजेश वहाँ पहुंचे और ससुर के ललकारने पर बृजेश ने उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गयी। इस मामले में डीएम के निर्देश पर कपसेठी पुलिस ने देवर बृजेश सेठ, देवरानी बिंदु देवी व ससुर अमरनाथ सेठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

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