वाराणसी। जंसा पुलिस ने गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयर पोर्ट पर सुबह घेरा बन्दी करके अंतरप्रांतीय ठग गिरोह के सरगना जौनपुर जनपद के रीठी सिकरारा निवासी विजय शंकर विश्वकर्मा को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह फ्लाइट से विदेश भागने के प्रयास में था। विजय शंकर का कार्यप्रणाली कुछ ऐसी थी कि वह पढ़े लिखे और प्रतिष्ठित पदों पर काम करने वालों को चूना लगाता था। शर्म के चलते वह किसी को बता भी नहीं पाते थे कि ठगी का शिकार हो गये। अपनी जालसजी के बूते विजय शंकर ने अकूत संम्पति कमायी है। दशा यह है कि वह अपने दो बेटो में एक को रूस व एक को नोएडा के प्रतिष्ठित मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करवा रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार जालसाज अंतरप्रांतीय गिरोह का सरगना है।
पीएचसी के डाक्टर ने दर्ज करायी थी रिपोर्ट
एसएसपी आर के भारद्वाज एवं एसपी ग्रामीण अमित कुमार के निर्देश पर डेढ़ माह पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी के डाक्टर आरएस चौहान के तहरीर पर धोखाधडी का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। एसओ जंसा अनिल कुमार सिंह सर्विलांस के जरिये जालसाज तक पहुंचने में कामयाब हो गये। एसओ ने पूछताछ की तो गिरफ्तार जालसाज ने कबूल किया कि डाक्टर, शिक्षक व बड़े व्यापारियों को वह ठगी का शिकार बनाता था। मुकदमे के वादी डा. चौहान को भदोही स्थित वन्दना केमिकल्स फैक्ट्री में चार दिन नौकरी करने पर 30 हजार रुपया माहवारी वेतन देने के एवज में पांच लाख रुपये की ठगी किया था। इसी तरीके से मुंगरा बादशाहपुर (जौनपुर) निवासी डाक्टर राम सिंह से साढ़े चार लाख व फूलपुर के दीनदासपुर निवासी शिक्षक से उनको आठ लाख रुपये सरकारी अनुदान दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख की ठगी की थी। जालसाज ने बड़ागांव के सायकिल व्यवसायी रिंकू चौरसिया से ढाई सौ सायकिल वाराणसी के नदेसर स्थित एक होटल में मंगवाया था लेकिन इसके पूर्व ही वह गिरफ्तार हो गया।

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