वाराणसी। पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले सर सुन्दर लाल अस्पताल में शनिवार को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। डाक्टरों ने लापरवाही की हद करते हुए एक महिला के पेट में  नसबंदी के आपरेशन के दौरान निडिल छोड़ दी। 6 महीने बाद जब मरीज़ की हालत बिगड़ी तो मामले का खुलासा हुआ। फिलहाल इस सम्बन्ध में डाक्टर के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने लंका थाने में तहरीर दी है।

प्रसूति विभाग की डॉक्टर पर लगा आरोप

आरोप है की प्रसूति विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर निशा रानी अग्रवाल ने नसबंदी के दौरान महिला के पेट में 5 निडिल छोड़ दी। महिला की तबियत बिगड़ने पर फिर से ऑपरेशन किया गया। इस दौरान 2 निडिल तो निकल गया लेकिन 3 निडिल अब भी महिला के पेट में हैं। महिला के पति के मुताबिक 2013 से 2017 के बीच कुल 5 अलग- अलग ऑपरेशन हो चुके हैं।

पुलिस ने शुरू की जाँच

महिला के पति ने इस लापरवाही की शिकायत अस्पताल के आला अधिकारीयों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा महिला के पति ने लंका थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। वहीँ दूसरी ओर बीएचयू प्रशासन ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। बीएचयू अस्पताल में लापरवाही का ये पहला मामला नहीं है। इसके पहले पिछले साल ऑपरेशन के दौरान सप्लाई होने वाली गैस में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी।

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