भदोही। चुनाव आने के पहले विभिन्न राजनैतिक दल किसानों को लुभाने के लिए कर्ज माफी से लेकर दूसरे लुभावने वादे करने में जुट जाते हैं। पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी तक किसानों को लेकर बड़ी योजनाओं की घोषणाएं करते हैं। बावजूूद इसके किसानों का हाल-बेहाल है। ताजा मामला डीघ ब्लाक के बेरासपुर गांव के किसान शिव लोलारख त्रिपाठी का है जिसमे सरकारी लाल फीताशाही से आजिज आकर यू ट्यूब पर अपनी किडनी-लीवर से लेकर आंखे तक बेचने की इच्छा जतायी है। वजह, सामान्य जाति का होने के नाते एम काम करने पर भी नौकरी नहीं मिली। खेती कर परिवार का भरण-पोषण करने की कोशिश की लेकिन बिजली विभाग पैसा जमा कराने के बावजूद ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहा है। लाखों का कर्ज चुकाने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा तो किसान ने यह निर्णय लिया। वीडियोो वाायरल होने के बाद हडकंंप मच गयी है। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने कहा है कि इस तरह की कोई शिकायत मेरे पास नहीं आयी है। बावजूूद इसके प्रकरण सत्य है तो हम मामले की जांंच करा दोषी अफसरों के खिलाफ कर्रवाई करेगें।

बरसों से लगा रहा था गुहार

वायरल वीडियो में किसान ने जो कुछ पीड़ा बतायी है उसमें सिर्फ मौजूदा भाजपा सरकार ही नहीं बल्कि पूर्ववर्ती शासक दल भी दोषी है। किसान 2009 से नौकरी से लेकर ट्यूबवेल लगाने के लिए प्रयास कर रहा है। वायरल हो रहे विडिओ में किसान ने आरोप लगाया है कि अप्रैल माह में उसने निजी पम्पसेट के लिए बिजली कनेक्शन के लिए सामान्य योजना के तहत आवेदन किया था। इसके लिए निर्धारित 32 हजार रुपये भी जमा किए थे लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से नया ट्रांस्फॉर्मर नहीं लग सका। आरोप है कि उसने विभाग के अधिशासी अभियंता रामकुमार वर्मा से भी गुहार लगायी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबााव मिला, नया ट्रांसफार्मर नहीं है और पुराना लेना हो तो ले जाइए। किसान का आरोप है की उसने जीएसटी के साथ नए ट्रांसफॉर्मर का पैसा भरा है। इसी वजह से उसकी तीन बीघे धान की फसल की रोपाई नहीँ हो पायी। घर में तीन जवान होती बेटियां हैं और उस पर पांच लाख का कर्ज है। कर्ज चुकाने के लिए वह शरीर के अंगों को बेचना चाहता है।

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