वाराणसी। बीएचयू में इलाज कराने के लिए पूर्वांचल ही नहीं बल्कि बिहार,छत्तीसगढ़, झारखंड और दूूर-दराज के लोग आते हैं। यहां के डॉक्टर्स को वर्ल्ड क्लास यूं ही नहीं माना जाता बल्कि वह नामुमकिन को भी कर दिखाने की क्षमता रखते हैं। ऐसा ही कुछ नाक-कान- गला विभाग में देखने को मिला। यहां पर ओस्टियोजिनेसिस इम्परफेवटा नामक बिमारी से पीड़ित युवक के बहरेपन का कोक्लीयर इम्प्लांट सर्जरी करने में सफलता प्राप्त किया है। यह एक गंभीर तथा दुर्लभ बिमारी है। प्रो राजेश कुमार (सर्जन) तथा डॉ शशिप्रकाश (एनेस्थेटिस्ट) की टीम जो आपरेशन किया है वैसा दुनिया भर में इस तरह के अब तक केवल 10 आपरेशन हुआ है।
प्रधानमंत्री के कोष से मिली थी मदद
डॉ. राजेश कुमार के अनुसार मीरजापुर निवासी मरीज संजय कुमार (23) ओस्टियोजिनेसिस इम्परफेक्टा नामक आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में मरीज की हड््िडयां कमजोर होती है और बार बार टूटती है। आंखे नीली हो सकती है व लम्बाई नहीं बढ़ सकती है। दिल की बीमारी भी हो सकती है। जोड़ो की कमजोरी होने के साथ दांत गिर सकते है। संजय 10 साल पहले ठीक से सुनता था लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे सुनाने की क्षमता कम होने लगी। लगभग एक वर्ष से उसे बिल्कुल सुनना देना बंद हो गया। इस आपरेशन में एनेस्थेसिया देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था क्योकि मरील दिल की आनुवंशिक विकृृतियो से भी पिड़ित था। आपरेशन के दौरान मरीज के फेफडेÞ का रक्तचाप ज्यादा होने से मृृत्यु भी हो सकती थी। डॉ. शशि प्रकाश के अनुसार यह एक जटिल प्रक्रिया थी। मरीज का इम्प्लांट का आपरेशन के बाद कम्प्यूटर से जॉच करने पर सफल पाया गया। कोक्लीयर इम्प्लांट एक महंगी सर्जरी है जिसके लिये मरीज को प्रधानमंत्री कोश से सफलता प्राप्त किया गया। इस टीम में डॉ. तनवीर, डॉ. अभिषेक, डॉ. अश्वनी, डॉ. अरुन तथा डॉ आशुतोष शामिल थे।

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