‘देश हित’ में निजी बसों को उपलब्ध न कराने वाले ट्रांसपोट्रर्स पर डीएम का करारा ‘प्रहार’, रविवार तक नहीं तो तय ‘एफआईआर’

वाराणसी। प्रवासी मजदूरों को बसें उपलब्ध कराने को लेकर विपक्षी दलों से ‘रार’ हो गयी। दूसरे प्रांत से जो बच्चे आये उनके लिए लंबा-चौड़ा बिल थामने को लेकर तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। बावजूद इसके कई ट्रॉसपोटर्स द्वारा अभी तक अपनी बसों को प्रदेश व देश के हित में प्रवासी लोगों के सहयोग हेतु उपलब्ध नहीं कराए है। इस प्रवृत्ति पर डीएम कौशल राज शर्मा ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि रविवार की दोपहर 11 बजे तक अपनी बसें उपलब्ध न कराने वाले आॅपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। इससे पहले डीएम ने आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अन्तर्गत एआरटीओ को निर्देशित किया है कि जनपद के सभी ट्रॉंसपोर्टर्स की बसों का अधिग्रहण प्रवासी श्रमिकों को अन्य जनपदों में पहुॅचाने हेतु तत्काल किया जाए। इसके उपरान्त लगभग 100 बसों का अधिग्रहण प्राइवेट ट्रॉसपोर्टर्स और उनके विभिन्न बस स्वामियों को जारी किया गया। जनपद में रेल से आने वाले प्रवासी लोगों को तथा पैदल आने वाले व विभिन्न ट्रकों के माध्यम से आने वाले प्रवासी लोंगों को अन्य जनपदों व प्रदेशों में छोड़ने तथा रेलवे स्टेशन पर बहुत अधिक मात्रा में प्रवासी श्रमिकों के आने के दृष्टिगत रोडवेज बसों की कमी के चलते यह निर्णय लिया गया था तथा इसी के माध्यम से सभी प्रवासी लोगों को भली-भॉंति अन्य जनपदों में छोड़ना था।

करवा पड़ रहा आक्रोश का सामना

डीएम ने ने बताया कि जनपद में कई बड़े ट्रॉसपोर्टर्स ऐसे हैं जिनके द्वारा अभी तक अपनी बसों को प्रदेश व देश के हित में प्रवासी लोगों के सहयोग हेतु उपलब्ध नहीं कराया गया है। बसें उपलब्ध न होने की वजह से उप जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी, जीआरपी, आरपीएफ व थानाध्यक्षों को प्रवासी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। इससे जनपद में शान्ति व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो रही है तथा कानून व्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है। प्रथम दृष्टया निजी बस आपरेटरो द्वारा अधिनियम के अन्तर्गत जारी आदेश की अवहेलना की गई है।

तब परिवहन विभाग के खिलाफ कार्रवाई तय

डीएम ने एआरटीओ अरूण कुमार राय को निर्देशित किया है कि रविवार कल 24 मई को पूर्वान्ह् 11:00 बजे तक जिन प्राइवेट आपरेटर्स की बसें मय ड्राइवर कैण्ट रेलवे स्टेशन परिसर में उपलब्ध नहीं होती है, तो 24 मई को 11 बजे उनकी फर्म के नाम तथा प्रोपराईटर के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम की धारा-51, तथा पब्लिक आर्डस छिन्न-भिन्न करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करायें। एफआईआर की कॉपी 12 बजे तक डीएम के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि उल्लंघन करने वाले एक भी आॅपरेटर के विरूद्ध परिवहन विभाग द्वारा प्रथम सूचना रिपेर्ट नहीं कराई गई तो सम्बन्धित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

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