वाराणसी। सरकारी अस्पतालों में मिली गड़बड़ियों पर डीएम योगेश्वर राम मिश्र की भिग्रुटि टेढ़ी हो गयी है। अधीनस्थों के बाद रविवार को वह खुद चेकिंग के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय जा धमके। जिलाधिकारी की छापेमारी में गड़बड़ी मिलने पर कनिष्ठ लिपिक जाहिद रजा का पटल परिवर्तन करने के साथ ही डीएम कैंप कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है। डीएम ने सीएमएस को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए न लिखा जाए और यदि निरीक्षण के दौरान मरीजों को बाहर से दवाएं लिखा जाना पाया गया तो संबंधित डाक्टरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अवश्य की जायेगी। छुट्टी के दिन भी छापेमारी के चलते देर शाम तक खलबली मची रही।

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सेवा भाव से हो मरीजों का इलाज

डीएम ने निरीक्षण के दौरान कतिपय वैक्सीन की कमी पाए जाने पर तत्काल व्यवस्था किए जाने का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया। उन्होंने चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराए जाने के साथ ही मरीजों का इलाज सेवा भाव के साथ किए जाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही डीएम ने अस्पताल परिसर में मरीजों के तीमारदारों को बैठने आदि की भी समुचित व्यवस्था कराए जाने का निर्देश देते हुए अस्पताल परिसर में सफाई एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने पर विशेष जोर दिया।

एससीएम की रिपोर्ट बनी छापेमारी का सबब

गौरतलब है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था तथा वैक्सीन आदि उपरोक्त कमियों के बाबत उन्होंने जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने रविवार को स्वयं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तथा कमियों को शीघ्र दूर करने हेतु मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया।

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