थाने पर चली मैराथन पंचायत के बाद सुलझा चार दशक से मंदिर को लेकर चला रहा विवाद

वाराणसी। पम्पापुर (बहरा) गांव (जंसा) में डीह बाबा मंदिर के निर्माण का मामला पिछले चार दशकों से चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर से लामबंदी शुरू हो गयी। इसकी जानकारी मिलने के बाद डीएम सुरेन्द्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि कोई सर्वमान्य हल निकाला जाये। पुलिस पहल करती इससे पहले सोमवार को मंदिर निर्माण रोकने के मामले में दर्जनों की संख्या में ग्रामीण थाने आ धमके। बहरहाल जंसा पुलिस ने मैराथन पंचायत के बाद 40 सालों से चल रहे इस विवाद को सुलझा दिया।

कुछ इस तरह हुई थी विवाद की शुरुआत

बताया जाता है कि बहरा गांव में विवादित जमीन पर 50 वर्ष पूर्व डीह बाबा स्थल का निर्माण किया गया था। यहां पूजा-पाठ मौजी राम पटेल करते थे। मौजी बाबा का मौत 1993 में होने के बाद उनके पुत्र रमाशंकर पटेल ने डीह बाबा स्थल से हटकर जमीन में मौजी बाबा को दफन कर दिया और विवादित जमीन परअपना हक जताने लगे। इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया। तीन वर्ष पूर्व तनाव इतना बढ़ गया कि दो परिवार को छोड़कर पूरा ग्रामसभा एक तरफ हो गया। इस बीच ग्रामसभा के लोग डीह बाबा चबूतरे पर टाइल्स लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया जबकि दूसरा पक्ष मौजी बाबा का समाधि लगाने की मांग पर अड गये। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस इस मामले में सक्रिय हो गयी। गांव के दर्जनों महिलाएं व पुरूष सोमवार को थाने पहुंचे। मैराथन पंचायत के बाद दोनों पक्षो में सुलह हो गयी। इस समझौते के अनुसार डीह बाबा के चबूतरे पर टाइल्स लगाने व मौजी बाबा का समाधि स्थल निर्माण का रास्ता साफ हो गया।

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