विकलांग, वृद्ध, बीमार एवं असक्तो को रजिस्ट्री कार्यालय में नहीं होगी परेशानी, राज्यमंत्री ने किया नये भवन का लोकार्पण

वाराणसी। भूमि-भवन की खरीद-बिक्री के लिए आने वाले विकलांग, वृद्ध, बीमार एवं असक्तों को अब तक जिन परेशानियों का सामना करना पड़ता था उससे निजात मिल गयी है। नयी व्यवस्था के तहत उनक अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। दरअसल प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल ने रविवार को कलेक्ट्रेट वाराणसी परिसर स्थित निबन्धन भवन के विस्तारीकरण स्वरूप निर्मित नवीन भवन का लोकार्पण किया। इसमें उप निबन्धक सदर प्रथम का कार्यालय अवस्थापित एवं 22 जून से संचालित होगा।

सीएम का संकल्प रजिस्ट्री आफिस रहे भूतल

इस अवसर पर मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सीएम योगी का संकल्प है कि प्रदेश के समस्त उप निबन्धक कार्यालयों की अवस्थापना, भवन के भूतल पर ही होनी चाहिए। वजह वृद्ध, बीमार एवं असक्त पक्षकारों को भवन के ऊपरी तलों पर अवस्थापित निबन्धन कार्यालयों में आने-जाने में अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीएम के संकल्प को साकार करने के लिए सर्वप्रथम वाराणसी का मॉडल के रूप में चयन किया गया तथा तथा आज इसे लोकार्पित भी कर दिया गया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि विकलांग, वृद्ध, बीमार एवं असक्त पक्षकारों को रजिस्ट्री कार्यालय में आने पर अब परेशानी का सामना करना नही पड़ेगा।

इन आफिसों में भी हुआ बदलाव

राज्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के चारों सदर उप निबन्धक कार्यालय आज के छ: माह पूर्व तक पुराने चार मंजिला निबन्धन भवन में प्रत्येक तल पर एक-एक कार्यालय के रूप में अवस्थापित एवं संचालित थे। अब उप महानिरीक्षक निबन्धन व सहायक महानिरीक्षक निबन्धन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अपना कार्यालय पुराने भवन के द्वितीय व तृतीय तल पर अन्तरित कराया गया तथा केन्द्रीय अभिलेखागार के भूतल पर स्थित अपने कार्यालयों में उप निबन्धक सदर, द्वितीय व तृतीय के कार्यालयों की अवस्थापना करायी गयी। एडीएम वित्त एवं राजस्व सतीश पाल, डीआईजी स्टाम्प व एआईजी स्टाम्प आदि उपस्थित रहे।

Related posts