नहीं की सुलह तो जनसेवा केन्द्र संचालक को मौत के घाट उतार कर किया डेढ़ लाख पार, वारदात से पुलिसिंग पर उठ रहे सवाल

आजमगढ़। जिला पुलिस अपराधियों की गोली का जबाव उन्हीं के अंदाज में दे रही है लेकिन इसके बावजूद क्राइम का ग्राफ कम ने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला भवानीपट्टी (कप्तानगंज) का है जहां मंगलवार को हौसले बुलंद बदमाशों ने दिनदहाड़े जनसेवा केन्द्र संचालक रमेश यादव को गोली मार कर मौत के घाट उतारने के साथ उनके पास मौजूद डेढ़ लाख रुपये लूट लिये। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गये। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की छानबीन में जुट गयी। परिजनों ने थाने और एसओजी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि घटना की जांच वह खुद और अपर पुलिस अधीक्षक करेगें। जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

गोली मारने के बाद उन्हीं की स्कूटी से फरार

भवानीपट्टी गांव निवासी जनसेवा केन्द्र संचालक रमेश यादव की मोलनापुर में दुकान है। मंगलवार को वह दुकान से बैंक जाने के लिए वह अपनी स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे। अभी वह कुछ ही दूर पर पहुंचे कि दो अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बदमाश उसकी स्कूटी लेकर फरार हो गये। आनन-फानन में गंभीर अवस्था में रमेश यादव को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सको ने हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। शहर के एक निजी चिकित्सालय में उसकी मौत हो गयी। परिजनों का आरोप है कि कुछ माह पहले भी मृतक से डेढ़ लाख रुपए की लूट हुई थी। इसी मामले में कुछ बदमाश जेल गये थे। बदमाश फसी मामले में सुलह समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर रमेश को गोली मारी गयी है।

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