वाराणसी। डीरेका परिसर में तीन माह पहले हुई कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या के मामले में सोमवार को अपर जिला जज (द्वितीय)की अदालत ने आरोपी रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू सिंह तथा रमेश उर्फ मटरु राय की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपियों की जमानत का विरोध एडीजीपी आलोक चंद्र शुक्ल ने की। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई आरोपी पंकज सिंह उर्फ डब्लू ने रविनारायण सिंह को डीरेका कर्मचारी यूनियन का सचिव बनाया था। मृतक टीके मुकेश ने उसे हटवाकर बीड़ी दूबे को सचिव बनवा दिया था और डीएलडब्ल्यू में रविनारायण सिंह द्वारा कराए गए कार्यों की टीके मुकेश ने जांच शुरू करा दी थी। इस कारण आरोपियों ने षडयंत्र कर टीके मुकेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। जबकि बचाव पक्ष की दलील थी कि आरोपी का इस घटनाक्रम से कोई लेना देना नहीं है और न हीं कोई दुश्मनी थी। मनगढ़ंत कहानी बताकर उसे आरोपी बना दिया । दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावलियों के अवलोकन के पश्चात दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

तेजी से चल रही मामले में कार्रवाई

गौरतलब है कि इस मामले में तीन फरवरी 2018 को जलालीपट्टी, मंडुवाडीह निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ रिंकू की गिरफ्तारी कर पुलिस ने मामले का खुलासा करने का दावा किया था। अमित के बयान के आधार पर अन्य आरोपियों का नाम प्रकाश मे आने पर पुलिस सभी की तलाश शुरू करते हुए साक्ष्य एकत्रित करने लगी थी। पुलिस के बढते दबाव पर पहले रविनारायण सिंह, आशुतोष सिंह व रमेश उर्फ मटरु राय ने सीजेएम कोर्ट में समर्पण कर दिया था । बाद मे पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया था । इस मामले में 25 अप्रैल को मंडुवाडीह पुलिस ने रविनारायण सिंह, उसके भाई पंकज सिंह उर्फ डब्लू, रमेश उर्फ मटरु राय समेत पांच आरोपियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी सप्ताह पुलिस डब्लू राय की करोड़ों की सम्पति को भी कुर्क किया था।

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