वाराणसी। बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद अपराध जगत में खलबली मची है। वारदात को भले पश्चिम उत्तर प्रदेश में अंजाम दिया गया लेकिन पूर्वांचल में अधिक सरगर्मी है। इसका एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है कि जेलों में निरुद्ध कुख्यात अपराधी मोबाइल मंगा रहे हैं। वह भी मामूली नहीं बल्कि फोर-जी। मंगलवार को चौकाघाट की जेल से दो डिब्बाबंद सील पैक जियो मोबाइल सेट मिलने के बाद हडकंप मच गयी। यह दशा तब है जब समूचे प्रदेश की जेल हाई अलर्ट पर हंै। सफाई पेश करते हुए जेलर पवन त्रिवेदी का कहना था कि हुकुलगंज की तरफ वाली ऊंची दीवार से दो पैकट बंद मोबाइल फोन जेल के भीतर फेंके गए थे। जेल के सुरक्षाकर्मियों ने फौरन ही इन मोबाइल को जब्त कर लिया। दोनों पैकेट बैरक नंबर 12 तथा 13 के समीप फेंके गये थे।

दो दिन पहले ही ली गयी थी तलाशी

गौरतलब है कि चौकाघाट की जेल में बजरंगी गिरोह से जुड़े कई गुर्गे पहले से निरुद्ध हैं। उसकी हत्या के एक दिन पहले डीएम-एसएसपी ने यहां जबरदस्त छापेमारी करायी थी जिसमें एक मोबाइल के संग दूसरे आपत्तिजनक सामान मिले थे। आशंका जतायी जा रही है कि कुख्यात अपराधियों ने छापेमारी की भनक पाकर मोबाइल नष्ट कर दिये थे। बजरंगी की मौत के बाद बाहर से सम्पर्क रखने की खातिर नये नेट मंगाये थे लेकिन उन तक पहुंचने से पहले सुरक्षाकर्मियों के हाथ लग गये। फिलहाल दोनों फोन को अपने कब्जे में लेकर कैंट पुलिस को सूचना दे दी गयी है।

थोथी सफाई, जेल शहर के भीतर बतायी

जेलर ने इस बाबत पूछे जाने पर सफाई दी कि जांच की जा रही है कि किसने फोन मंगाये और कौन इसके पीछे है। दिन दहाड़े जेल के भीतर मोबाइल आने के बाबत उनका कहना था कि जेल को शहर के बीचो बीच है। इसको शहर के बाहर शिफ्ट करना है जिसे लिए जमीन ढूंढी जा रही है। जेल के लिए 100 एकड़ भूमि की जरूरत होगी और वह मिल नहीं रही है। एक बार जेल बाहर चली जाये तो ऐसी घटनाएं हो ही नहीं सकती।

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