वाराणसी। अधिवक्ता घनश्याम मिश्र के पुत्र बीएचयू के छात्र आकाश मिश्र पर कातिलाना हमले व डकैती के मामले में आरोपी डाक्टरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया। इस मामले को लेकर पूर्व में घोषित कार्यक्रम के अनुसार अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार को प्रभावी बनाने के लिए बनारस बार एसोसिएशन भवन से परिसर में जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अदालत भवनों का चक्रमण किया,अदालती कामकाज ठप करा दिया और आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार कर दण्डित करने की मांग करते रहे। जुलूस में प्रमुख रूप से बार कौंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष हरिशंकर सिंह, बनारस बार एसोसिएशन महामंत्री रजनीश कुमार मिश्रा, सेंट्रल बार महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी, हरिशंकर सिंह, सुरेंद्र श्रीवास्तव, धीरेन्द्र नाथ शर्मा, उग्रसेन मिश्र,धनंजय शर्मा,अरुण कुमार सिंह झप्पू ,अनुज यादव ,शशिकांत रॉय चुन्ना,आनंद कुमार पाण्डेय , अभिमन्यु मिश्र पुनित सिंह,राकेश पाण्डेय,रंजन मिश्र, विनोद पांडेय,पवन सिंह चुन्नू,आनंद पाठक,विनोद पाण्डेय, विशाल सिंह,धीरेन्द्र श्रीवास्तव,नित्यानंद रॉय,अजय शर्मा,विनोद शुक्ल,बृजेश मिश्र,माधव पाण्डेय,रतन रॉय,नागेश पाण्डेय समेत कई अधिवक्तागण शामिल रहे।

एनएचआरसी तक पहुंचा मामला

अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सभी लम्बित मामलो में तारीखें पड़ गई। सेन्ट्रल जेल से आये एमएलसी बृजेश सिंह समेत जिला जेल से आये बन्दी तारीख पड़ जाने के वापस लौट गए,अदालतों में सन्नाटा रहा और लम्बे समय बाद सभी अधिवक्ता आंदोलन में एक जुट रहे। उधर इसी प्रकरण में अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने हमला करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में आनलाईन शिकायत कर 10 लाख छात्र को मुआवजे की मांग के बाबत शिकायत दर्ज कराई। साथ ही मेडिकल कौंसिल आॅफ इंडिया में भी डॉक्टरों के अमानवीय और पेशे के विपरीत कृत्य के लिए शिकायत आॅनलाइन दर्ज कराई।

admin

No Comments

Leave a Comment