वाराणसी। चौकाघाट-लहरतारा फ्लाइओवर हादसे का असर दिखने लगा है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है कि ऐसी परियोजनायें जहां निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, उन सभी परियोजनाओं को फौरन चिन्हिंत कर उनका सेफ्टी आडिट स्वयं विभाग भी करे। साथ ही किसी थर्ड पार्टी से भी उन परियोजनाओं का सेफ्टी आडिट करा लिया जाय जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाये। उन्होने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए परियोजना में प्रयुक्त होने वाले सरिया, कांक्रीट आदि की जॉच किसी प्रतिष्ठित वाहय एजेंसी जैसे आईटीआई बीएचयू या कानपुर से करा लिया जाय।

ट्रैफिक डायवर्जन का रखे विशेष ध्यान

कमिश्नर ने चौकाघाट-लहरतारा निमार्णाधीन फ्लाइओवर की बीम गिरने की दुखद घटना को ध्यान में रखते हुए इसकी किसी भी दशा में पुनरावृत्ति न होने देने पर जोर देते हुए मंडल के जनपदो के डीएम, सीडीओ सहित समस्त कार्यदायी संस्थाओं को पत्र लिख कर मंडल के जनपदों में संचालित समस्त परियोजनाओं का सेफ्टी आडिट कराये जाने का कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि संचालित ऐसी परियोजनाएं जहां जनसामान्य का आवागमन बना रहता है, वहां संबंधित कार्यदायी एजेंसी अपने स्तर से प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी व स्टाफ मय युनिफार्म अवश्य रखे। ये सामान्य जनमानस को उस स्थल से दूर रखने में सहयोग करे। ऐसी परियोजना स्थल जहॉ पर ट्राफिक डायवर्जन कराना उचित हो उसके लिये जिले के डीएम व एसपी को पत्र लिखकर समय से पूर्व रूट डाइवर्जन हेतु अनुमति अवश्य प्राप्त कर लिया जाय। जिस अवधि के दौरान और जिस खण्ड पर डायवर्जन लेना हो, उनका सम्पूर्ण विवरण उल्लिखित कर उसकी वैकल्पिक व्यवस्था का उल्लेख अवश्य किया जाय। कमिश्नर ने आगामी बैठक में सभी कार्यदायी एजेसियों को ऐसी परियोजनाओं को चिन्हित कर किये गये सुरक्षात्मक उपायों के संबंध में अपना प्रस्तुतिकरण भी करने के निर्देश दिये हैं।

admin

No Comments

Leave a Comment