कानपुर। गंगा तट पर बसे जाजमऊ पेउंदी गांव के लोग इस समय प्रदूषण और बीमारी से परेशान हैं। यहां चर्बीयुक्त ग्लू भट्टियां खुलेआम धधक रही हैं, जिससेग्रामीणों के जन जीवन पर काफी असर पड़ रहा है। जानलेवा बन चुकी इन भट्ठियों के खिलाफ गांव के सैकड़ों लोगों ने सोमवार को जिलाधिकारी आफिस के बाहर जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और अवैध तरीके से चल रही ग्लू और चर्बी की फैक्ट्री बंद करवाने की मांग की।

 

ये भट्टियां नहीं जानलेवा बीमारी है

 

ग्लू भट्टियों से पीड़ित पेउंदी गाव वालों ने सोमवार को जिलाधिकारी गेट पर पहुँच कर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और जिला प्रशासन के खिलाफजमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि इन चर्बीयुक्त ग्लू भट्टियों ने जाजमऊ के 5 से 6 गांव को अपनी चपेट में ले लिया है। कई बार इसकी शिकायत करने के बाद भी अब तक इस मामले में सरकार व जिला प्रशासन ने सुध नही ली है। जो की साफ तौर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को मुँह चिढ़ा रहा है। गौरतलब है कि बीते रविवार को पेउंदी गाव में ग्रामीणों ने जमकर ग्लू भट्टियो को बंद करने के लिए जमकर प्रदर्शन किया था, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज सोमवार को सैकड़ों की संख्या में गांव वाले इकठ्ठा होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। एसीएम मजिस्ट्रेट डीके सिंह ने बताया की ग्रामीणों का ज्ञापन ले लिया गया है। गांव में जो भी गलत तरीके से अवैध ग्लू भाटिया और चर्बी के कारखाने चल रहे है, उसे हमारी टीम और प्रदूषण बोर्ड द्वारा जल्द ही हटवाया जाएगा।

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