मीरजापुर। दाती गांव (मड़िहान) में बुधवार को सुबह संदिग्ध हालात में बकरी पालक सोहन पाल व मोहन पाल के मवेशियों के मड़हे में आग लग गया। छप्पर के नीचे किशोरी समेत लगभग 150 बकरा-बकरियों की जलकर दर्दनाक मौत हो गयी। सुबाष की 14 वर्षीय पुत्री प्रीति भी पूरी तरह से झुलसने के चलते काल के गॉल में समा गयी। मौके तहसीलदार विकास पाण्डेय व मड़िहान पुलिस पहुंचकर प्रीति के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। तहसीलदार ने इसे आपदा मानते हुये कहा शासन द्वारा मानव हानिका में 4 लाख व पशुहानि में प्रति मवेशी तीन-तीन हजार रुपये की मुआवजा दिया जायेगा। देर शाम तक लगभग सौ भेड़-बकरियों का पोस्टमार्टम हो चुका था।

बचाने के फेर में खुप्द मारी गयी

बताया जाता है कि प्रीति दो अन्य बच्चों के संग सेम तोड़नेकी खातिर वहां गयी थी। अचानक मड़हे में हवा के चलते आग ने उग्र रूप धारण कर लिया। आग देखते ही प्रीति मड़हे में जाकर मवेशियों को भीतर से निकालने के फेर में पड़ गयी। इस दौरान वह बगल में खोदे गये गड्ढे में गिर पड़ी जिससे उसके ऊपर जलती हुई बांस-बल्ली भी गिर पड़ी। इससे प्रीति प्रयास करने के बावजूद बाहर नहीं निकल पाई। अपने मवेशियों और मड़ते ती तरह वह भी जल रही थी। ग्रामीण व परिवार के लोग आग की लपट देखकर जब तक उसको निकालने की कोशिश करते पूरी तरह झुलसने के संग वह मर चुकी थी। कुछ लोगो ने मड़िहान थानाध्यक्ष व फायर बिग्रेड को सूचित किया। आग पर काबू पाने तक 150 भेड़ बकरियां समेत प्रीति भी मर चुकी थी।

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